भव्य महाकुंभ में आज हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए देसी-विदेशी श्रद्धालुओं ने अमृत स्नान किया। वसंत पंचमी के दिन आस्था के संगम में डुबकी लगाकर यह श्रद्धालु काफी खुश नजर आए। योगी सरकार की अच्छी व्यवस्थाओं की वजह से यहां पर सभी श्रद्धालु संतुष्ठ भी दिखे।

महाकुंभ की तीसरा अमृत स्नान बसंत पंचमी पर सोमवार तड़के प्रारंभ हो गया जिसमें देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘महाकुंभ में मां गंगा, यमुना और सरस्वती की दिव्य धाराओं में पवित्र अमृत स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करने वाले सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई।’’

सूचना निदेशक शिशिर ने बताया कि योगी आदित्यनाथ लखनऊ में अपने आधिकारिक आवास पर प्रमुख सचिव (गृह) और डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) के साथ मिलकर तड़के साढ़े तीन बजे से ही महाकुंभ में स्नान संबंधी व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि अमृत स्नान निर्विघ्न रूप से जारी है और प्रथम अखाड़े ने अपना पारंपरिक स्नान पूरा कर लिया है।

इसी के साथ ही विभिन्न अखाड़ों के नागा साधुओं का भी अमृत स्नान के लिए संगम घाट पर आगमन शुरू हो गया है। इस क्रम में सबसे पहले संन्यासी अखाड़ों में महानिर्वाणी और अटल अखाड़े के साधु संतों और पीठाधीश्वर ने संगम घाट पर पहुंचकर स्नान किया। अखाड़ों का स्नान दोपहर तक संपन्न होने की संभावना है।

मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के दौरान मची भगदड़ की घटना के बाद यह अमृत स्नान हो रहा है। मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी तथा 60 लोग घायल हो गए थे।

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को सुबह चार बजे तक 17 लाख से अधिक लोगों ने डुबकी लगा ली जबकि 13 जनवरी से अभी तक करीब 35 करोड़ लोग गंगा और संगम में स्नान कर चुके हैं। सरकार को सोमवार को पांच करोड़ लोगों के स्नान करने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने मेला प्रशासन और पुलिस को किसी त्रुटि के बिना बसंत पंचमी पर सकुशल स्नान संपन्न कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके मद्देनजर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और एडीजी भानु भास्कर स्वयं मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण व्यवस्था को देख रहे हैं।

इसके अलावा, सरकार ने बसंत पंचमी पर ‘ऑपरेशन इलेवन’ के जरिए भीड़ प्रबंधन की योजना बनाई है। सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से सोमवार को एकल मार्ग की व्यवस्था लागू रहेगी। वहीं, त्रिवेणी के घाटों पर अत्यधिक दबाव रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाए जा रहे हैं।

कुंभ मेला प्राधिकरण द्वारा अखाड़ों के अमृत स्नान के लिए जारी कार्यक्रम के मुताबिक, अखाड़ों में सबसे पहले संन्यासी अखाड़ों में महानिर्वाणी और अटल अखाड़ा, निरंजनी और आनंद अखाड़ा और जूना एवं आवाहन अखाड़ा के साधु-संत स्नान करेंगे।

इसके बाद, बैरागी संतों के निर्मोही अनी, पंच दिगंबर अनी और पंच निर्वाणी अनी अखाड़ों के साधु-संत अमृत स्नान करेंगे। इसके बाद, उदासीन अखाड़ों में नया उदासीन, बड़ा उदासीन और निर्मल अखाड़ों के साधु-संत स्नान करेंगे।

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