हरियाणा के पंचकूला स्थित मनसा देवी कॉम्प्लेक्स में हाल ही में हुई एक मौत ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में सनसनी फैला दी है। यह मामला अब सिर्फ एक संदिग्ध मौत नहीं रहा, बल्कि इसमें हत्या और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोपों के साथ-साथ पारिवारिक रिश्तों में कथित अनैतिक संबंधों का विस्फोटक दावा भी जुड़ गया है। मामला पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और उनकी पत्नी, पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना के 35 वर्षीय बेटे अकील अख्तर की मौत से जुड़ा है, जो 16 अक्टूबर की रात पंचकूला स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे।

ड्रग ओवरडोज से शुरू, हत्या की एफआईआर तक पहुंची कहानी
शुरुआत में परिवार ने दावा किया कि अकील की मौत दवाओं की अधिक मात्रा लेने से हुई, और शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। लेकिन अब पूरा मामला गंभीर मोड़ ले चुका है। पड़ोसी शमशुद्दीन की ओर से दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने अब हत्या (धारा 103(1)) और आपराधिक साजिश (61 BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

आरोपों के घेरे में पूरा परिवार
पुलिस ने यह केस पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना, बेटी, बहू और बेटे की मौत से जुड़े अन्य परिजनों के खिलाफ दर्ज किया है।
सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि अकील अख्तर ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने कहा था कि उसके पिता और उसकी पत्नी के बीच अवैध संबंध हैं और उसके पूरे परिवार द्वारा उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है।

वीडियो बना जांच का टर्निंग पॉइंट
27 अगस्त को रिकॉर्ड इस वीडियो में अकील यह कहता नजर आ रहा है कि उसकी जान को खतरा है और उसे परिवार से कोई मदद नहीं मिल रही। वह साफ तौर पर आरोप लगाता है कि उसके पिता और पत्नी के बीच अनुचित संबंध हैं, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुका है। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया और पुलिस को दोबारा केस को गंभीरता से लेना पड़ा।

डीसीपी ने गठित की एसआईटी
पंचकूला की डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने इस संवेदनशील मामले में SIT (विशेष जांच टीम) के गठन की घोषणा की है। यह टीम एक एसीपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में पूरे मामले की जांच करेगी। डीसीपी ने बताया कि शुरुआती जांच में मौत की कोई संदिग्ध वजह सामने नहीं आई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और शिकायत के बाद पूरा मामला अब हत्या और साजिश के एंगल से जांचा जा रहा है।
 
शव को सहारनपुर ले जाने पर उठे सवाल
शिकायत में यह भी आरोप है कि घटना के फौरन बाद अकील का शव परिवार द्वारा हरियाणा से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ले जाया गया, जिससे शक और गहरा हो गया।

कानूनी और राजनीतिक हलकों में हलचल
मामला केवल आपराधिक नहीं, बल्कि संवेदनशील राजनीतिक और पारिवारिक आयाम भी लिए हुए है, क्योंकि इसमें पंजाब के पूर्व डीजीपी और पूर्व महिला मंत्री का नाम सामने आया है।

क्या कहते हैं कानून विशेषज्ञ?
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में वीडियो साक्ष्य और पीड़ित की मृत्यु से पहले की गई रिकॉर्डिंग कोर्ट में अहम भूमिका निभा सकती है, बशर्ते उनकी प्रमाणिकता स्थापित हो जाए।

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