उत्तराखंड की पवित्र नगरी हरिद्वार में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। श्रद्धालुओं से खचाखच भरे मनसा देवी मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई, जिससे मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। प्रशासन और पुलिस की टीम ने तत्परता से राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा सुबह के समय हुआ, जब मंदिर परिसर में दर्शन के लिए भारी भीड़ जमा हो चुकी थी। अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया और कुछ श्रद्धालु संतुलन खो बैठे। फिसलकर गिरने से कई लोग नीचे दब गए और उनके ऊपर अन्य लोग चढ़ते चले गए। इस भगदड़ में कई लोग बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। कुछ श्रद्धालु अपनों को खोजते दिखे तो कुछ मदद के लिए चिल्ला रहे थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए।

घायलों का इलाज जारी

पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस हादसे में 6 लोगों की मौत हुई है जबकि 25 से 30 लोग घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल 4 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन द्वारा घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनका इलाज कर रही है। कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि हादसे की मुख्य वजह अत्यधिक भीड़ और भीड़ प्रबंधन की कमी है। मंदिर में हर रविवार और विशेष दिनों पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। आज सुबह भी हजारों की संख्या में लोग मंदिर में पहुंचे थे, जिससे स्थिति संभालना मुश्किल हो गया।

कमिश्नर और प्रशासन मौके पर पहुंचे

गढ़वाल डिवीजन के कमिश्नर विनय शंकर पांडे भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन और राहत कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि हादसे के दौरान मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भगदड़ की असली वजह क्या थी और इसमें किसी की लापरवाही तो नहीं रही। यदि किसी भी तरह की चूक सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भीड़ नियंत्रण को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर से धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हरिद्वार जैसे पवित्र स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचते हैं, लेकिन व्यवस्थाओं की कमी कई बार जानलेवा साबित होती है। लोगों की मांग है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना हों इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इस दुखद हादसे के बाद श्रद्धालुओं में डर और दुख का माहौल है। कई लोग अब भी अपनों की खोज में हैं, जबकि मंदिर के आस-पास सन्नाटा छाया हुआ है। प्रशासन लोगों से संयम बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।

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