अन्य भारतीय राज्यों में कश्मीरी छात्रों को परेशान किए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि वह अपने समकक्षों के संपर्क में हैं और उन्होंने उनसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि राज्य प्रशासन उन राज्यों की सरकारों के संपर्क में है, जहां से ये खबरें आ रही हैं। उनका यह बयान नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार की पोस्ट के जवाब में था, जिसमें उन्होंने सीएम से परेशान करने वाली खबरों के बीच कदम उठाने का आग्रह किया था।

उमर अब्दुल्ला ने बाद में मीडिया से कहा कि हमारी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं, चाहे वो 25 मेहमान हों या हमारे स्थानीय बहादुर युवा जिन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह न करते हुए खुद को दूसरों के लिए कुर्बान कर दिया। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस घटना के खिलाफ सामने आने के लिए धन्यवाद देता हूं। उन्होंने आगे कहा कि मैं देश के लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे कश्मीरियों को दुश्मन न समझें। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है। ये सब पाकिस्तान ने किया है। कश्मीरियों ने भी 35 साल तक इसे बर्दाश्त किया है। 

सीएम ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि दूसरे राज्यों में हमारे बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है। इसे रोका जाना चाहिए। जम्मू-कश्मीर के लोग शांति के दुश्मन नहीं हैं। वे शांति चाहते हैं। यह हमारी मर्जी से नहीं हुआ। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के संभावित परिणामों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। 

अब्दुल्ला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पहलगाम में हमले के बाद मैंने कल दोपहर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। मैंने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों, जम्मू-कश्मीर के सभी माननीय सांसदों और जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता को निमंत्रण भेजा है।’’ यह बैठक बृहस्पतिवार को अपराह्न तीन बजे शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित की जाएगी। अब्दुल्ला ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुखों को भेजे पत्र में लिखा, ‘‘मंगलवार को पहलगाम में हुए घातक हमले के बाद मैं आपको भारी मन से यह पत्र लिख रहा हूं। मारे गए लोगों की जान और निर्दोष नागरिकों पर हुए अत्याचार ने हम सभी को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक क्षेत्र या पार्टी के लिए त्रासदी नहीं है- यह जम्मू-कश्मीर की आत्मा पर एक घाव है।’’

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