राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीयों में राष्ट्रीय गौरव पैदा किया और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित किया। स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी, 1863 को तत्कालीन कलकत्ता में हुआ था और उनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था।



उनकी जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुर्मू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘स्वामी विवेकानंद एक शाश्वत दूरदर्शी और आध्यात्मिक प्रतीक हैं, उन्होंने उपदेश दिया कि आंतरिक शक्ति और मानवता की सेवा एक सार्थक जीवन की नींव है। उन्होंने भारत के शाश्वत ज्ञान को दुनिया तक पहुंचाया।” राष्ट्रपति ने कहा कि विवेकानन्द ने भारतीयों में राष्ट्रीय गौरव की अनुभूति पैदा की और उनकी शिक्षाएं मानवता को प्रेरित करती रहेंगी।

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