उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ जिले के महुआखेड़ा स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका चैताली वार्ष्णेय पिछले 75 दिनों से स्कूल नहीं आ रहीं थीं। उन्होंने ना तो स्कूल को कोई सूचना दी और ना ही शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए नोटिसों का कोई जवाब दिया। वहीं, इस दौरान वह सोशल मीडिया पर पूरी तरह एक्टिव पाई गईं, जहां वह रील और पारिवारिक फोटो शेयर करती रहीं। इस लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. राकेश सिंह ने शिक्षिका को 29 अगस्त को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनसे लिखित रूप में जवाब मांगा गया है कि वे इतने दिन तक बिना बताए क्यों गायब रहीं।

क्या है पूरा मामला?
चैताली वार्ष्णेय आखिरी बार 15 जून को स्कूल आई थीं। इसके बाद से वे बिना सूचना के स्कूल नहीं आईं। शिक्षा विभाग ने उन्हें कई बार पत्र भेजकर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जब अधिकारियों ने जांच की, तो पता चला कि चैताली सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और रील्स बना रही हैं। इसके बाद बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

सोशल मीडिया पर एक्टिव, स्कूल से नदारद
चैताली ने हाल ही में 6 दिन पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर परिवार के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की थी। यह देखकर विभाग ने माना कि शिक्षिका जानबूझकर ड्यूटी से दूर हैं।

पति का पक्ष
चैताली के पति नूतन प्रकाश ने विभाग की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि चैताली बीमार चल रही हैं। उनका मेडिकल सर्टिफिकेट विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। वे अधिकारी से मिलकर अपनी बात रखेंगे और स्थिति स्पष्ट करेंगे।

विभाग का क्या कहना है?
बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि चैताली वार्ष्णेय को लगातार अनुपस्थित रहने और नोटिस का जवाब न देने पर 29 अगस्त को सस्पेंड किया गया। उनसे लिखित जवाब मांगा गया है, जिसे उन्हें जल्द ही देना होगा। मामले की विस्तृत जांच करवाई जा रही है।

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