दिल्ली की घटना ने सदर बाजार पुलिस के सोतीगंज से जुड़े दावों की पोल खोलकर रख दी है। दोनों आरोपियों ने यह खुलासा कर सनसनी फैला दी है कि उन्हें कार सोतीगंज में बेचनी थी। साफ है कि कहीं न कहीं सोतीगंज फिर एक्टिव हो रहा है और वाहनों के कमेले में गुपचुप कटान जारी है। उच्चाधिकारियों की नाराजगी के बाद शुक्रवार को सदर बाजार पुलिस सोतीगंज बाजार में उतरी। एसओ शशांक द्विवेदी के अलावा सीओ पूनम सिरोही भी मौजूद रहीं। टीम ने सत्यापन का काम शुरू किया तो बाजार में हलचल बढ़ गई। महज एक से डेढ़ घंटे में इस टीम ने सोतीगंज के 250 कबाड़ियों के सत्यापन का काम निपटाया और लौट गई। एसओ शशांक द्विवेदी की मानें तो सोतीगंज में सबकुछ सामान्य है। पुलिस को कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिली। उन्होंने सभी दुकानों के सर्वे का दावा किया है लेकिन एक से डेढ़ घंटे में 250 कबाड़ियों का स्थलीय सत्यापन कई सवाल खड़े कर रहा है।
सुबह करीब 11 बजे सदर बाजार पुलिस सोतीगंज बाजार पहुंची। टीम के पास कबाड़ियों की लिस्ट थी। लिस्ट के हिसाब से टीम दुकानों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर आगे बढ़ती रही। दावा हर दुकान के सत्यापन का किया जा रहा है लेकिन पुलिस सूत्रों की मानें तो केवल उन कबाड़ियों का सत्यापन किया गया, जिनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।
काफी दूर तक फैला सोतीगंज
सोतीगंज बाजार काफी दूर तक फैला है। दिल्ली रोड व इससे सटे इलाके के अलावा कबाड़ियों ने वेस्ट एंड रोड और सिटी स्टेशन के आसपास भी अपने पैर जमा लिये थे। इसके अलावा हनुमान चौक का इलाका, रविंद्रपुरी सहित कई इलाके हैं जहां कबाड़ियों का दबदबा था और वह छिपकर काम करते थे। लेकिन शुक्रवार का सत्यापन केवल दिल्ली रोड व उससे लगे इलाके की सीमित दुकानों तक रह गया।
सत्यापन के दौरान सबकुछ सामान्य पाया गया है। नया कारोबार बाजार में दिखा है। टीम ने दुकान-दुकान जाकर सत्यापन किया। दुकान स्वामी मिला या किरायेदार, सभी का विवरण दर्ज किया। आगे भी पूर्ण निगरानी रहेगी।
