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देहरादून, 06 फ़रवरी । सैनिक नर्सिंग सेवा (एमएनएस) की 100 वर्षों की समर्पित और उत्कृष्ट सेवा के उपलक्ष्य में सैनिक अस्पताल देहरादून ने एएफएमएस आयोजित देशव्यापी ऐतिहासिक पहल “हैंड सैनिटाइजेशन अभियान” में सक्रिय भागीदारी निभाई।

इस अखिल भारतीय अभियान के अंतर्गत, सैनिक अस्पताल देहरादून के 714 सशस्त्र बल कर्मियों ने भाग लिया और इस ऐतिहासिक प्रयास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस पहल ने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) के मूल मूल्य – सटीकता, एकता और पेशेवर दक्षता को उजागर किया।

कार्यक्रम का समग्र समन्वय सैन्य अस्पताल देहरादून के सीनियर रजिस्ट्रार कर्नल ए. डब्ल्यू. काशिफ ने किया जबकि नोडल ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल इनाम दानिश खान और नर्सिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल अर्पणा ने इसे आयोजित किया। यह पहल सैनिक नर्सिंग सेवा की शताब्दी यात्रा को समर्पित है, जो नर्सिंग कोर की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करती है।

कार्यक्रम के माध्यम से सैनिक अस्पताल देहरादून ने एक मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य संदेश भी दिया कि हाथों की स्वच्छता संक्रमण को रोकने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है। देश भर के सशस्त्र बल कर्मियों ने एएफएमएस के नेतृत्व में समन्वित अभ्यास के तहत छह मानकीकृत हाथ स्वच्छता प्रक्रियाओं का पालन किया। यह अभूतपूर्व प्रयास इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होने के लिए तैयार है और सशस्त्र बलों की संक्रमण नियंत्रण, रोगी सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य तत्परता के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है।

इस अवसर पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, डीजी एएफएमएस, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी सदस्य, नर्सिंग अधिकारी व कर्मी और सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सा व नर्सिंग कैडेट्स ने भाग लिया।

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