मुज़फ्फरनगर | मुज़फ्फरनगर में चल रही अग्निवीर भर्ती में सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। सिविल लाइन पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो अपने आपको सेना कर्मी बताकर ठगी करता था।

मुजफ्फरनगर में अग्निवीर भर्ती का शुक्रवार को समापन हो गया। इस बीच सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन पुलिस द्वारा एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जो अपने आपको सेना कर्मी बताकर ठगी करता था। पकड़े गए फर्जी सेना कर्मी की पहचान सुमित कुमार पुत्र रकम सिंह निवासी कस्तला शमशेर नगर, थाना इंचौली, जनपद मेरठ के रूप में हुई है।

पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि सुमित वर्ष 2015 से सेना भर्ती कराने के नाम पर निरंतर ठगी करता आ रहा था। यह ठगी करने के लिए अनोखा तरीका अपनाता था। जानकारी के अनुसार, जो अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता में फेल हो जाते थे, उनमें से कुछ अभ्यर्थी अपना एडमिट कार्ड सेना भर्ती परिसर या उसके आसपास फेंक कर चले जाते थे। यह उन्हें उठाकर अभ्यर्थियों को मेल करता था और लिखता था कि मुझे यह जानकारी है कि तुम सेना भर्ती में फेल हो गए हो, मैं तुम्हारा चयन अभी भी करवा सकता हूं। मगर इसके लिए तुम्हें निश्चित धनराशि देनी होगी—आधा पैसा भर्ती होने से पूर्व और आधा काम पूरा हो जाने के बाद। कुछ अभ्यर्थी सुमित के झांसे में आ जाते थे और उसे पैसे दे देते थे।

सुमित जब इन अभ्यर्थियों से मिलता था तो सेना की वर्दी पहनता था और अपने पास एक फर्जी कार्ड रखता था। इसे दिखाकर वह सामने वाले अभ्यर्थी को विश्वास में ले लेता था कि वास्तव में वह सेना में कार्यरत है।

पुलिस के अनुसार, इससे पहले यह लखनऊ, रुड़की, आगरा सहित कई जगहों पर सेना भर्ती के नाम पर अभ्यर्थियों को अपनी ठगी का शिकार बना चुका है।

इस बार ठगी का यह खेल मुजफ्फरनगर में बिजनौर जनपद के थाना नूरपुर क्षेत्र स्थित गाँव पानीमाला निवासी अभिषेक पुत्र राजेंद्र कुमार को शिकार बनाने के कारण भारी पड़ा। मामला 23 अगस्त का है, जब अभिषेक शारीरिक दक्षता में फेल हो गया और अपना एडमिट कार्ड नुमाइश ग्राउंड भर्ती परिसर के पास फेंक कर चला गया। 24 अगस्त को सुमित ने अभिषेक से ईमेल के माध्यम से संपर्क किया और कहा कि मुझे जानकारी है कि तुम शारीरिक दक्षता में फेल हो गए हो, मैं तुम्हें पास करवा सकता हूं। इसके लिए मुझे 3 लाख देने होंगे। मेरी आर्मी ऑफिसर से अच्छी जान-पहचान है और मैं भी आर्मी में ही हूं। बातचीत के दौरान सुमित ने अपना मोबाइल नंबर भी अभिषेक को दे दिया।

दोनों की मुलाकात 30 अगस्त को हुई। इस दौरान सुमित ने अभ्यर्थी अभिषेक से 1 लाख रुपये ले लिए और बाकी पैसे काम पूरा हो जाने के बाद लेने की बात कही। इस दौरान सुमित ने अभिषेक को कूटरचित टोकन स्लिप भी दी। जब अभिषेक भर्ती परिसर में टेस्ट देने पहुंचा तो उसे जानकारी हुई कि उसका डेटा वहां उपलब्ध ही नहीं है और उसके साथ ठगी हो गई है।

इसकी जानकारी अभिषेक ने सिविल लाइन थाने को लिखित में दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मुकदमा दर्ज किया और उच्च अधिकारियों के संज्ञान में टीम गठित की। पुलिस ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की। मुजफ्फरनगर से लेकर मवाना व मेरठ तक की सीसीटीवी जांच करने के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया। पुलिस ने उसके पास से सेना का फर्जी आईडी कार्ड, आर्मी की वर्दी, एक मोबाइल फोन और बिना नंबर की स्कूटी बरामद की है।

पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने यह भी बताया कि आरोपी के पिता सेना में रह चुके हैं, इसलिए यह सेना की गतिविधियों से अच्छी तरह वाकिफ था। इसके बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। अभी तक इसके खाते में एक भी रुपया बरामद नहीं हुआ है, सभी पैसे खर्च कर चुका है।

सेना में ठगी करने वाले सुमित कुमार को दबोचने में सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक आशुतोष कुमार के अलावा उप निरीक्षक सत्येंद्र सिंह ढिल्लों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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