मणिपुर में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने 29 स्वचालित हथियार बरामद किए हैं। हथियारों के साथ-साथ जंगी सामान भी बरामद किया गया है। भारतीय सेना की यूनिट Spear Corps ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।
आरक्षण व अन्य स्थानीय मुद्दों पर हुई हिंसा के बाद मणिपुर के पहाड़ी और घाटी दोनों संवेदनशील क्षेत्रों में बुधवार को कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया गया। भारतीय सेना की स्पीयर कोर ने एक ट्वीट में कहा, “7 जून को मणिपुर में संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान बड़ी कामयाबी मिली।
स्पीयर कोर ने कहा, सुरक्षा बलों ने 29 हथियार (अधिकांश ऑटोमैटिक), मोर्टार, हथगोले, गोला-बारूद और जंगी सामान बरामद किए गए। एक अन्य ट्वीट में सेना ने बताया, अशांत राज्य में तैनात सुरक्षा बलों ने बुधवार को बदमाशों द्वारा छिपाए गए हथियारों का पता लगाने के लिए अभियान शुरू किया।
Operations were conducted across Manipur in both Valley & Hill areas under the cover of UAV & Quadcopters.#ManipurRescue
(2/3) pic.twitter.com/ubBof6svmy— SpearCorps.IndianArmy (@Spearcorps) June 7, 2023
Unedited Video
𝙐𝘼𝙑 𝙏𝙖𝙠𝙞𝙣𝙜 𝙊𝙛𝙛 𝙛𝙧𝙤𝙢 𝙗𝙖𝙨𝙚 𝙛𝙤𝙧 𝙎𝙪𝙧𝙫𝙚𝙞𝙡𝙡𝙖𝙣𝙘𝙚 𝙊𝙫𝙚𝙧 𝙈𝙖𝙣𝙞𝙥𝙪𝙧 𝙞𝙣 𝙨𝙪𝙥𝙥𝙤𝙧𝙩 𝙤𝙛 𝘾𝙤𝙢𝙗𝙞𝙣𝙜 𝙊𝙥𝙚𝙧𝙖𝙩𝙞𝙤𝙣𝙨#ManipurRescue
(3/3) pic.twitter.com/eKpnHu8YOw— SpearCorps.IndianArmy (@Spearcorps) June 7, 2023
एक अन्य ट्वीट में आगे कहा गया, “यूएवी और क्वाडकॉप्टर्स की आड़ में घाटी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में मणिपुर भर में अभियान चलाए गए।” सेना ने शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जनता से सभी हथियार और गोला-बारूद प्रशासन को सौंपने की अपील की।
‘खोज और तलाशी अभियान’ के साथ चेतावनी भी जारी की गई थी। इसमें उल्लेख किया गया था कि हथियारों की तलाशी अभियान के दौरान हथियार रखने वाले किसी भी व्यक्ति पर मुकदमा चलाया जाएगा।
इससे पहले दिन में मणिपुर सरकार के सलाहकार (सुरक्षा) कुलदीप सिंह ने कहा कि हिंसा प्रभावित मणिपुर के विभिन्न इलाकों से अब तक कुल 868 हथियार और 11,518 गोला बारूद बरामद किए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 24 घंटों में अधिकारियों द्वारा कुल 57 हथियार, 318 गोला-बारूद और 5 बम भी जब्त किए गए हैं। जो बड़ी कामयाबी है।हथियार और गोला-बारूद की बरामदगी इम्फाल पूर्व के पोरोमपत पुलिस स्टेशन और मणिपुर के काकचिंग जिले के सुगनू पुलिस स्टेशन से की गई थी।
इसी बीच Manipur Unresrt पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी बयान दिया। बुधवार को झड़पों को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए रिजिजू ने कहा, “हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण थी और अंतर-सामुदायिक मतभेदों के कारण हुई थी।
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हालात की गंभीरता के मद्देनजर खुद चार दिनों तक मणिपुर में रुके थे। शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक भी की। शाह ने कुकी और मेइती समेत सभी जातीय समूहों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।
शाह के आह्वान पर कई लोगों ने आत्मसमर्पण भी किया है। शाह ने पूर्वोत्तर के लोगों से कहा था कि मणिपुर हिंसा की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग का गठन होगा। राज्यपाल की अध्यक्षता में शांति समिति भी गठित होगी।
