सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के वरिष्ठ और होनहार IPS अधिकारी पूरन कुमार द्वारा आत्महत्या किये जाने की घटना बेहद दुखद है और इस घटना से प्रदेश ही नहीं पूरा देश स्तब्ध है। पूरा सिस्टम संदेह के घेरे में है। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने मांग करी कि निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच तभी संभव है जब एसआईटी जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में करायी जाए। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो और जाँच में निर्धारित दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाए। 

इस मामले में सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि लोगों का सिस्टम पर विश्वास बने और ये तभी होगा जब न्याय मिले। निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच के बिना न्याय संभव नहीं है। आज पूरा देश, खासकर दलित वर्ग सरकार की तरफ देख रहा है कि न्याय हो और उसमें ये सुनिश्चित किया जाए कि न्याय होता हुआ दिखे साथ ही कोई उस जांच को प्रभावित न कर पाए। 

उन्होंने कहा कि पूरन कुमार जी के सुसाईड नोट के आधार पर उनकी पत्नी जो स्वयं वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं द्वारा दायर FIR में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का नाम लिखवाया जाना व उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और प्रताड़ना के आरोप पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस परिवार के वरिष्ठतम अधिकारी, कानून-व्यवस्था के मुख्य-संरक्षकों पर ऐसे आरोप लगना अत्यंत गंभीर और बेहद चिंताजनक है। अब निष्पक्ष जाँच से ही न्याय संभव है। 

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