दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कल अपना इस्तीफा दे सकते हैं। केजरीवाल ने एलजी वीके सक्सेना से मिलने के लिए समय मांगा। गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने रविवार (15 सितंबर) को कहा कि वह दो दिन बाद ही शीर्ष पद से इस्तीफा दे देंगे और राष्ट्रीय राजधानी में जल्द चुनाव की मांग करेंगे। इससे पहले पार्टी नेता और मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ने तमाम अड़चनें लगाए जाने के बाद भी जेल से सरकार चलाकर दिखा दी। अब उन्होंने जेल से बाहर आकर इस्तीफ़ा दिया है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री को उन सभी फाइलों पर हस्ताक्षर करने की इजाज़त थी, जिन्हें LG साहब के पास भेजा जाता है। केजरीवाल जी के ऊपर फ़रवरी 2015 से ही तमाम बंदिशें लगाई गईं लेकिन इसके बावजूद वह जनता के लिए काम करते रहे। अब तो भाजपा के लोग भी कह रहे हैं कि जहां बीजेपी की सोच ख़त्म होती है, वहां से केजरीवाल जी की सोच शुरू होती है। वहीं, दिल्ली का नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए सोमवार शाम को आम आदमी पार्टी (आप) की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक सहित कई बैठकें होने की संभावना है।
एक दिन पहले ही अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की अप्रत्याशित घोषणा की थी। आप नेताओं ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया मुख्यमंत्री पद के संभावित नामों पर केजरीवाल के साथ चर्चा के लिए उनके आधिकारिक आवास पर पहुंचे। आप की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक शाम को दिल्ली के मुख्यमंत्री के आवास पर होने वाली है। मुख्यमंत्री के संभावित दावेदारों में दिल्ली विधानसभा की उपाध्यक्ष राखी बिड़लान, आप प्रमुख केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल सहित दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी, गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत के नामों की चर्चा है।