दिल्ली-एनसीआर के हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) से सुरक्षा जांच की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। इस ‘सिक्योरिटी वैटिंग अप्रूवल’ के मिलने के बाद अब एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

सुरक्षा के कड़े इम्तिहान में पास हुआ एयरपोर्ट

यमुना प्राधिकरण (YEIDA) के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अनुसार बीसीएएस (BCAS) ने एयरपोर्ट के सुरक्षा बंदोबस्त, यात्री सेवाओं और तकनीकी मानकों की गहन जांच के बाद यह हरी झंडी दी है। यह मंजूरी मिलना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बिना किसी भी एयरपोर्ट से यात्रियों का आवागमन शुरू नहीं किया जा सकता।

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अब एयरोड्रम लाइसेंस का इंतजार

सुरक्षा क्लीयरेंस मिलने के बाद अब गेंद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के पाले में है। अगले हफ्ते तक एयरपोर्ट को ‘एयरोड्रम लाइसेंस’ मिलने की पूरी उम्मीद है। नियमों के मुताबिक एक बार डीजीसीए से लाइसेंस मिल जाने के बाद 45 दिनों के भीतर कमर्शियल उड़ानें शुरू करना अनिवार्य होता है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अगले कुछ हफ्तों में ही यात्री जेवर एयरपोर्ट से टिकट बुक कर सकेंगे।

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सितंबर से चल रही थी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) और निर्माण एजेंसी यापल के अधिकारी सितंबर में काम पूरा होने के बाद से ही लाइसेंस की प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुटे थे। रनवे, टर्मिनल और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच तालमेल के कई दौर के परीक्षण पहले ही सफल हो चुके हैं।

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NCR को क्या होगा फायदा?

नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) का दबाव कम होगा बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यह एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और एविएशन हब बनने की राह पर है।

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