उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के नौबस्ता थाना क्षेत्र के हंसपुरम आवास विकास कॉलोनी में रहने वाले सिक्योरिटी गार्ड ओमजी शुक्ला को अचानक एक बड़ा झटका लगा। 21 अगस्त को उन्हें दिल्ली CGST ऑफिस से एक नोटिस मिला, जिसमें बताया गया कि उनके नाम से एक कंपनी दर्ज है और उस पर करीब 3 करोड़ 14 लाख रुपए का GST टैक्स बकाया है। इस खबर से ओमजी और उनके परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। ओमजी शुक्ला जो काकादेव की एक कोचिंग मंडी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है का कहना है कि यह पूरी कंपनी उनके बिना किसी जानकारी के उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करके बनाई गई है। आरोपियों ने उनके नाम पर करीब 17 करोड़ रुपए का कपड़ों का कारोबार किया, लेकिन टैक्स नहीं भरा। अब उसका भार ओमजी पर आ गया है।

व्यापारियों ने दिया ओमजी का साथ
जब ओमजी को यह नोटिस मिला तो वो बेहद परेशान हो गया। उसने अपने आस-पड़ोस के स्थानीय व्यापारियों से मदद मांगी। व्यापारियों ने उनका साथ दिया और उन्हें कानपुर के जीएसटी कार्यालय ले जाकर अधिकारियों से मिलवाया। अधिकारियों ने बताया कि यह नोटिस दिल्ली CGST ऑफिस से भेजा गया है और इसका जवाब भी वहीं देना होगा।

फर्जीवाड़े की शिकायत
ओमजी ने संबंधित जीएसटी अधिकारियों और पुलिस में इस फर्जीवाड़े की शिकायत कर दी है। उसका कहना है कि जिन लोगों ने उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी कंपनी बनाई है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं सीएम से लेकर प्रधानमंत्री तक शिकायत करने जाऊंगा।

मामला सिर्फ ओमजी का नहीं
यह मामला सिर्फ ओमजी शुक्ला का नहीं है, बल्कि उन कई हजारों लोगों के लिए चेतावनी है, जिनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी कंपनियां बनाई जा रही हैं। इससे ना सिर्फ लोगों की प्रतिष्ठा खराब होती है, बल्कि उनके ऊपर भारी आर्थिक दायित्व भी आ जाता है। सरकार और प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वे ऐसे फर्जीवाड़ों पर सख्ती से कार्रवाई करें ताकि निर्दोष लोग परेशान ना हों।

ओमजी की मदद के लिए आगे आए लोग
स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने ओमजी का समर्थन किया है और उनके साथ खड़े हैं। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों में आम लोगों को फंसा कर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है, जो गलत है। ओमजी और उनके परिवार की मदद के लिए सभी जिम्मेदार अधिकारी आगे आएं।

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