सहारनपुर के मिर्जापुर में हुई एक दुखद दुर्घटना में मासूम बच्चे की जान चली गई। गरीब परिवार का बच्चा सूखी लकड़ी चुग रहा था। लकड़ी चुगते-चुगते ये बच्चा फायरिंग क्षेत्र में चला गया। यहां एक मिस बम पड़ा हुआ था। गरीब बच्चे ने पीतल समझकर बम को उठा लिया। बाद में इसे खोलकर अंदर से कॉपर निकालने की कोशिश की और इसी लालच में बम फट गया।
घटना मिर्जापुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव की है। इस गांव के पास फायरिंग रेंज है। यहां आना-जाना प्रतिबंधित है। यह घाड़ क्षेत्र है। यहां गरीब परिवार निवास करते हैं। जंगल से सूखी लकड़ी बीनकर खाना बनाते हैं। रोजाना की तरह इसी गांव के रहने वाले जमील का 15 वर्षीय बेटा हनीफ लकड़ी बीन रहा था। इसे यहां कथित रूप से सेना का एक बम मिल गया। इस बम को हनीफ अपने साथ उठा ले आया और खोलकर तांबा निकालने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान तेज धमाके के साथ बम फट गया। इस धमाके में हनीफ की मौत हो गई और एक भैंस भी इस हादसे की चपेट में आ गई।
मिर्जापुर थाना पुलिस इस घटना की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि गोला फटने से दुर्घटना हुई है। पुलिस इस बारे में अभी कोई बयान नहीं दे रही है। पुलिस का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है।
मिर्जापुर क्षेत्र में गोला फटने की ये पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां कई बच्चों की मौत हो चुकी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से बार-बार लोगों के जागरूक भी किया जाता है कि फायरिंग क्षेत्र में ना जाया करें लेकिन बच्चे गरीब परिवार के हैं। इन्हे कोई भी घातक वस्तु भी पीतल लगती है। ये बच्चे सोचते हैं कि पीतल को बेचकर कुछ पैसे मिलेंगे और इसी लालच में ये बच्चे मारे जाते हैं।
