सहारनपुर कोर्ट ने एक युवक को अपनी साली के साथ बलात्कार करने का दोषी ठहराया है। कोर्ट ने अभियुक्त जीजा को 10 साल के कठोर कारावास और 12 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह सजा पोक्सो एक्ट की जज कल्पना पांडे ने सुनाई है। हालांकि कोर्ट में पीड़िता ने घटना न होने का बयान दर्ज कराया था।
सहायक शासकीय अधिवक्ता मेघराज सैनी ने बताया, 17 फरवरी 2017 को थाना मंडी में पीड़िता की मां ने अपने दामाद के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता की मां का आरोप था, उसकी बड़ी बेटी का निकाह चिलकाना में रहने वाले रिजवान से हुआ था। जब वह गर्भवती थी तो दामाद उनके घर आया। प्रसुता बेटी की मदद के लिए साली को घर ले जाने की बात कही।
अभियुक्त की सास ने अपनी जुड़वा बेटियों को उसके साथ भेज दिया। लेकिन जब वह वापस आई तो एक बेटी गर्भवती थी। नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश की। हालांकि वादिया और दोनों पीड़िता पुलिस को दिए बयान से कोर्ट में पलट गई। पीड़िता ने अपना बयान पलट गई और बताया कि वह बाग में घूमने गई थी। जहां दो लड़कों ने उसके साथ बलात्कार किया। जिस कारण वह गर्भवती हो गई।
हालांकि कोर्ट ने यह बात नहीं मानी और उनके जीजा रिजवान को पोक्सो एक्ट का दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावली पर आए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रिजवान को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
