उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा से ही देशहित में सशक्त समाज का निर्माण होता है। बसहवां में सरस्वती विद्या मन्दिर के नए भवन का भूमि पूजन एवं शिलान्यास करने के बाद योगी ने कहा कि सरस्वती शिशु मन्दिर शिक्षा की ऐसी नीव है जो पूरे भारत वर्ष में शिक्षा की अलख जगा रही है। 1947 में जब भारत आजादी हुआ तो उस समय शिक्षा को लेकर कोई चिन्हित नही था, नानाजी देशमुख ने शिक्षा की अलख जगाने के लिए गोरखपुर से सरस्वती शिशु मन्दिर का नींव रखी और आज पूरे भारत में 12 हजार से अधिक सरस्वती शिशु मन्दिर शिक्षा के साथ-साथ भारतीयता को अपनाने की सीख दे रहा है।

‘शिक्षा से ही हम देश के लिए योग्य नागरिक बन सकते है’
नानाजी देशमुख ने शिक्षा की जो नीव रखी वह बिना सरकारी मदद से रखी थी। कभी-कभी ऐसा होता है कि सरकारें सहायता करती है या नही करती है तब भी शिक्षण संस्थान चलते रहते है, आजादी के समय शिक्षा के रास्ते में ऐसी रूकावटे उत्पन्न हो गई थी जो कभी समाप्त होने का नाम नही ले रही थी, लेकिन राष्ट्रीय स्वयं संघ ने शिक्षा दिलाने के लिए पूरी तरह से अभियान चलाया। आज सरस्वती शिशु मन्दिर से शिक्षा प्राप्त करने के बाद यहां के विद्यार्थी समाज, सरकार, देश के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के अभियान का नेतृत्व कर रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही हम देश के लिए योग्य नागरिक बन सकते है और अपनी देश का संरक्षण कर सकते है। 

‘400 साल पहले भारत अर्थव्यवस्था में नंबर एक पर था’
सीएम योगी ने कहा कि चार सौ साल पहले भारत अर्थव्यवस्था में नंबर एक पर था, लेकिन भारत को लूटा गया, छीना गया फिर भी भारत 1947 में आजाद हुआ और विकसित राष्ट्र की श्रेणी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जाना जाता है। विरोधी ताकतें कभी ये नही चाहती थी कि भगवान श्रीराम का भव्य मन्दिर बने लेकिन हमने अपनी संस्कृति, आदर्श का 500 वर्ष बाद स्थापित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमें अपने देश से प्रेम, संस्कृति, साहित्य तथा अपने महापुरूषों के बारे ओत-प्रोत करती है। 

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