उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बीते रविवार ओवरस्पीड के आरोप में पकड़े गए छात्र को दरोगा ने जमकर पीट दिया था। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस मामले में लाइन हाजिर हुए चौकी इंचार्ज अमित विक्रम त्रिपाठी को अब सस्‍पेंड कर दिया गया है। डीसीपी साउथ ने मामले की जांच एसीपी नौबस्ता को सौंपी है।

“मैं किसी से नहीं डरता!”
दरअसल, कानपुर के किदवई नगर थाना क्षेत्र में रविवार रात पुलिसिया रौब का ऐसा नजारा सामने आया, जिसने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। ओवर स्पीड में बाइक चला रहे नारामऊ निवासी अक्षय प्रताप सिंह और शिवराजपुर निवासी दोस्त अभिषेक दुबे को चौकी प्रभारी अमित विक्रम त्रिपाठी को इतना ‘गंभीर अपराध’ लगा कि मामला ट्रैफिक नियमों से निकलकर सीधे थप्पड़-लातों की कक्षा में पहुंच गया। छात्र ने जब अपनी गलती जानने की कोशिश की तो चौकी प्रभारी और सिपाहियों ने गालियों से नवाजते हुए सड़क किनारे ही थप्पड़ों की बरसात शुरू कर दी। यही नहीं, दरोगा साहब बोले —  “मैं किसी से नहीं डरता!” और फिर छात्र को खींचकर चौकी के बाहर ही पीटा गया। 

पुलिस महकमे में हड़कंप
छात्र की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अगर वीडियो न बनता तो शायद कोई यकीन ही न करता कि कानून सिखाने वाले ही कानून तोड़ने में आगे हैं।

छात्र रोते-बिलखते गुहार लगाते रहे 
“अंकल, सर… प्लीज़ छोड़ दीजिए… मैंने कुछ नहीं किया…” लेकिन चौकी इंचार्ज साहब ने एक न सुनी। उल्टा पीटने के बाद फरमाया, “परेशान न हो… अंदर चलो, सब ठीक कर देंगे।” जैसे ही मामला तूल पकड़ा, डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने अमित त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर जांच के आदेश दे दिए। इस हल्की कार्रवाई पर सवाल खड़े हुए तो निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया। 

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