महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि सरकार राज्य के बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी दिवाली फीकी नहीं होने देगी।

राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच गठबंधन की अटकलों पर शिंदे ने शनिवार को कहा कि जो लोग अपने सिद्धांतों पर अडिग नहीं रहेंगे उन्हें जनता नकार देगी।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ नेता कह रहे थे कि अगर दो ठाकरे एक साथ आ गए तो कमाल हो जाएगा। लेकिन ठाणे की जनता उन्हें दिखा देगी कि कौन मालिक है। जो लोग अपने सिद्धांतों पर अडिग नहीं रहेंगे उन्हें जनता नकार देगी।’’

शनिवार देर रात ठाणे में अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, ‘‘दिवाली शुरू हो गई है और हम इसे खुशी से मना रहे हैं। लेकिन इन खुशियों के बीच मराठवाड़ा में बाढ़ के कारण दुख है और किसान रो रहे हैं।’’

उन्होंने मराठवाड़ा बाढ़ पर अपनी पार्टी की तत्काल प्रतिक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिवसेना कार्यकर्ताओं को आपदा राहत को प्राथमिकता देने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कार्यकर्ता प्रभावित इलाकों में गए और हमने उनसे दशहरा रैली (मुंबई में) में नहीं आने और वहीं रहकर किसानों की मदद करने को कहा। हमने प्रभावित लोगों को सहायता किट भेजीं और उनकी मदद की। मुझे गर्व है कि हमारे कार्यकर्ता जरूरत के समय किसानों के साथ खड़े रहे।’’

शिंदे ने कहा कि प्रभावित लोग अच्छे से दिवाली मना सकें इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नीत महायुति सरकार वित्तीय सहायता देने में तेजी लाई है। उप-मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए अपने विरोधियों खासकर उन लोगों पर निशाना साधा, जिन्होंने उन पर राजनीतिक अवसरवादिता और उनके गुरु (दिवंगत) आनंद दिघे का अपमान करने का आरोप लगाया था।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights