समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि सरकार ने पिछले आठ सालों में जीएसटी के नाम पर जो वसूली की है, क्या वह जनता को नकद दी जाएगी। सपा प्रमुख ने जीएसटी संग्रह को लेकर जनता के हवाले से सवालों की झड़ी लगा दी। उन्होंने जीएसटी की धनराशि लौटाने के लिए दस सवाल पूछे हैं। 

अखिलेश यादव ने पूछे सरकार से सवाल 
अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक “एक्स” खाते पर रविवार देर रात एक पोस्ट में कहा “जनता पूछ रही है भाजपा सरकार ने पिछले आठ सालों में जो वसूली जीएसटी के नाम पर की है, वो कुल राशि उप्र भाजपा सरकार के महाकुंभ मॉडल की तरह पुलिस द्वारा ‘घर’ पर ‘कैश’ पहुंचाई जाएगी।” यादव ने आगे पूछा, ⁠”या बीमे के अगले प्रीमियम में एडजस्ट की जायेगी? या डाइरेक्ट बेनेफ़िट के माध्यम से खातों में सीधे (खाते में) वापस आ जाएगी? ⁠या भाजपाइयों के ऊपर वादे का जो पंद्रह लाख बचा है, उसमें से घटाई जाएगी?” 

‘ये रक़म भाजपाई नेताओं के द्वारा अगले…?’ 
सवालों की कड़ी में सपा प्रमुख ने पूछा, ⁠या होली-दीवाली के बहुत दिनों से लंबित पड़े सिलेंडरों के आश्वासन के साथ दो किस्तों में दी जाएगी? या कंपनियों से भाजपा को पिछले दरवाज़े से मिली राशि से चुकता की जाएगी? सपा प्रमुख ने कहा कि या ये रक़म भाजपाई नेताओं के द्वारा अगले चुनाव की पूर्व संध्या पर द्रव्य रूप में बांटी जाएगी? ⁠या बच्चों की फ़ीस न लेकर पूरी की जाएगी? या इसकी क्षतिपूर्ति बीमारों और बुज़ुर्गों की दवा-देखभाल को निःशुल्क घोषित करके की जाएगी? उन्होंने आख़िर में पूछा कि “या भाजपा के जुमलाकोश में जोड़ दी जाएगी?” 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights