राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश सरकार अगर पेट्रोल व डीजल पर वैट कम नहीं करती है, तो चरणबद्ध तरीके से आन्दोलन किया जाएगा। इस आन्दोलन के तहत 5 मई से सभी सरकारी वाहनों को पेट्रोल-डीजल उधार नहीं दिया जाएगा। 15 मई को प्रदेश के डीलर्स अमर जवान ज्योति पर दो घण्टे तक धरना देगें। इसके बाद भी अगर सरकार को निर्णय नहीं लेती है, तो 30 मई को प्रदेश के सभी पेट्रोल पंप खरीद व बिक्री नहीं करेगें। आपको बता दें कि प्रदेश में 6227 पेट्रोल पंप है, इनमें कई पंपों से सरकारी महकमों के वाहनों में भी डीजल-पेट्रोल की पूर्ति की जाती है। एसोसिएशन की ओर से प्रदेश के सभी जिलाध्यक्ष, सचिव और आरपीडीए कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि यह आंदोलन सरकार का ध्यान डीलर्स की मांगो की ओर ध्यान आकृषित करने के लिए किया जा रहा है। आरपीडीए का यह आंदोलन एक जन जागरण आंदोलन है, क्योंकि एक तरफ तो सरकार मंहगाई राहत केम्प चला रही हैं, दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल पर वैट कम नहीं कर रही है। जबकि, उत्तरी भारत से पेट्रोल-डीजल पर वैट सबसे अधिक हमारें राज्य में है और जब तक पेट्रोल-डीजल के मूल्य कम नहीं होगें तब बढ़ती हुई मंहगाई से राज्य की आमजन को कोई राहत नहीं मिलेगी। क्योंकि, आमजन के उपयोग में आने वाली दैनिक उपयोग की सभी चीजे पेट्रोल-डीजल से जुड़ी हुई है।
डीलर्स की मुख्य मांगे
1. प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर वेट पंजाब के समान किया जावे।
2. प्रदेष स्तर पर पेट्रोल पंप डियू में आ रही पोपअप की समस्या का समाधान हो।
3. आयॅल कंपनी स्तर डियू के सत्यापन के लिये डीलर्स द्वारा जमा धन राषि का भुगतान काफी समय से न होना।
4. ऑयल कंपनी स्तर पर 194 क्यू के तहत डीलर्स द्वारा जमा करवाये गये टीडीएस की धनराषि का भुगतान विलंब से होना।