त्रिपुरा की राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला दी है। राज्य के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में पूरे 5 फीसदी के इजाफे की घोषणा की है। इस फैसले के बाद राज्य के सरकारी कर्मियों को मिलने वाला कुल भत्ता अब 36% की पुरानी दर से बढ़कर सीधे 41% पर पहुंच गया है।

यह घोषणा वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय द्वारा विधानसभा में बजट भाषण पूरा करने के तुरंत बाद की गई। नए आदेशों के अनुसार, बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन का लाभ 1 अप्रैल, 2026 से मिलना शुरू हो जाएगा।

खजाने पर पड़ेगा 500 करोड़ का बोझ, करीब 2 लाख लोगों को सीधा लाभ
सरकार के इस कदम से राज्य के करीब 1,02,563 नियमित कर्मचारियों और 81,019 पेंशनभोगियों की जेब में ज्यादा पैसा आएगा। इस बढ़ोतरी को लागू करने के लिए राज्य सरकार हर साल अपने खजाने से अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य के कर्मचारियों के भत्ते को केंद्र सरकार के बराबर लाना है। हालांकि, केंद्र फिलहाल 58% की दर से भत्ता दे रहा है, जिसका मतलब है कि त्रिपुरा के कर्मचारी अभी भी केंद्रीय कर्मियों से करीब 17% पीछे हैं।

भविष्य की नींव: डिजिटल विकास और बुनियादी ढांचे पर जोर वाला बजट
भत्ते में बढ़ोतरी के साथ-साथ त्रिपुरा सरकार ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 34,212.31 करोड़ रुपये का बजट भी पेश किया है। खास बात यह है कि इस बजट में जनता पर किसी भी तरह के नए टैक्स का बोझ नहीं डाला गया है। पिछले साल के मुकाबले बजट के आकार में 5.52% की वृद्धि की गई है। वित्त मंत्री ने ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ाने, डिजिटल क्रांति लाने और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भारी निवेश का प्रस्ताव रखा है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इस बार पिछले साल की तुलना में 13% ज्यादा पैसा आवंटित किया गया है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights