उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है यहां के एक बड़े होटल में सोमवार को राजनीति में चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। दावा किया जा रहा है कि यह एक “पारिवारिक कार्यक्रम” था, लेकिन हकीकत में इसमें प्रदेश के लगभग 40 ठाकुर विधायक इकट्ठा हुए।

मॉनसून सत्र के बीच बैठक ने बढ़ाया सियासी पारा
विधानसभा का मॉनसून सत्र चल रहा है, और सभी विधायक राजधानी में मौजूद हैं। इसी बीच हुए इस कार्यक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी। स्वागत बोर्ड पर बड़े अक्षरों में “कुटुंब” लिखा था, जिससे यह महज पारिवारिक आयोजन जैसा दिखाया गया, लेकिन सियासी निहितार्थ साफ झलक रहे थे।

क्षत्रिय एकता या शक्ति प्रदर्शन?
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मकसद प्रदेश के सभी क्षत्रिय विधायकों को एक मंच पर लाना था। भाजपा के सभी ठाकुर विधायक और सपा के बागी क्षत्रिय नेता इसमें मौजूद रहे। यहां तक कि कुछ अन्य जातियों के विधायक भी बुलाए गए थे।

गिफ्ट में मिले भगवान राम की तस्वीर और त्रिशूल
कार्यक्रम में शामिल होने वाले हर विधायक को भगवान राम की तस्वीर और त्रिशूल भेंट किए गए। तस्वीरों में नेताओं को यह गिफ्ट लेते और आपस में चर्चा करते देखा जा सकता है।

मुख्य आयोजक और खास मेहमान
कार्यक्रम का आयोजन कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह और मुरादाबाद के एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त ने किया। सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह भी इसमें शामिल हुए, और माना जा रहा है कि इसकी तैयारी में उनका भी अहम योगदान था।

विपक्ष के बड़े चेहरे नदारद
हालांकि, विपक्षी दलों के कुछ नेताओं और पूर्व विधायकों को भी बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। विधानसभा में भी इस “ठाकुर शक्ति प्रदर्शन” की गूंज सुनाई दे रही है।

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