यूपी के मुरादाबाद में हिंदू-मुस्लिम एकता की अद्भुत मिसाल देखने को मिली है। यहां कुंदरकी कस्बे में मजहब की दीवारों को तोड़कर मुस्लिम युवकों ने संतोष का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया। मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला संतोष कुछ समय से मुरादाबाद के कुंदरकी में रह रहा था। बुधवार को बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार बीमारी के कारण बुजुर्ग संतोष की मौत हो गई। उसका अपना कोई नहीं था, ऐसे में कस्बे में रहने वाले मुस्लिम परिवारों ने संतोष का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। इसके लिए बाजार से अंतिम संस्कार का सामान खरीदकर लाए, फिर अपने हाथों से अर्थी बनाई और मोक्षधाम पहुंचकर हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया।

पुलिस ने सौंपी जिम्मेदारी

अंतिम संस्कार करने वाले युवकों ने बताया कि जैसे ही हमें इसकी सूचना मिली, हमने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और अंतिम संस्कार के लिए हम लोगों से सलाह मशविरा किया। पुलिस ने हम लोगों को अंतिम संस्कार करने की जिम्मेदारी सौंपी। क्षेत्र में रहने वाले मुस्लिम लोगों ने अंतिम संस्कार के लिए सामान खरीदा।

युवकों ने कहा कि हमने यह कार्य मजहब के लिए नहीं, इंसानियत के लिए किया है। हमारा संदेश यही है कि सब लोग आपस में मोहब्बत रखें। जीवन में सबसे अहम इंसानियत है। हम लोग यही चाहते हैं। हिंदू और मुस्लिम एक दूसरे को जागरूक करें। हम लोग भाई-भाई हैं। हिंदू मुसलमान के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

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