शिव भक्तों के लिए खुशखबरी है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। पहले ही दिन सुबह से विभिन्न बैंकों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अनुमान है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। इसे देखते हुए प्रशासन सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण कर सकते हैं।

इन दो मार्गों से कर सकेंगे यात्र
पहलगाम मार्ग: यह पारंपरिक रास्ता है, जिसकी दूरी लगभग 46 किमी है। इसमें चढ़ाई अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन समय अधिक लगता है।
बालटाल मार्ग: यह छोटा रास्ता (करीब 14 किमी) है, लेकिन इसकी चढ़ाई काफी खड़ी और कठिन मानी जाती है।

रजिस्ट्रेशन के लिए अपनाएं ये प्रक्रिया
श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण करा सकते हैं:

ऑनलाइन माध्यम: भक्त श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए फोटो और हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य होगा।
ऑफलाइन माध्यम: देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। यहाँ ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर परमिट जारी किए जाते हैं।
शुल्क: प्रति व्यक्ति पंजीकरण शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है।

अनिवार्य दस्तावेज और स्वास्थ्य नियम
यात्रा की दुर्गमता को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं:

  • यात्रियों के पास 8 अप्रैल 2026 के बाद अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी किया गया ‘अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र’ (CHC) होना चाहिए।
  • केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही यात्रा कर सकते हैं।
  • 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • रजिस्ट्रेशन के बाद जम्मू या कश्मीर के निर्धारित केंद्रों से RFID कार्ड लेना अनिवार्य है। इसके बिना प्रवेश द्वार (चंदनवाड़ी या डोमेल) से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।

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