कांग्रेस की झारखंड इकाई ने बीते गुरुवार को मांग की कि पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए, उनके नाम पर एक जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित किया जाए और उनके आवास को विरासत स्थल घोषित किया जाए।

कांग्रेस ने यहां प्रदेश मुख्यालय में एक शोक सभा आयोजित की और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सह-संस्थापक को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने सोमवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। प्रदेश अध्यक्ष, मंत्रियों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों सहित कांग्रेस सदस्यों ने झारखंड के लिए सोरेन के योगदान को याद किया और राज्य को लेकर उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया। झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने शोक सभा के बाद संवाददाताओं से कहा, “झारखंड के लिए शिबू सोरेन जी का योगदान और बलिदान अविस्मरणीय है। इसलिए, हमने अपने दोनों सांसदों को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का अनुरोध किया है।” उन्होंने कहा, “हम उनके नाम पर एक जनजातीय विश्वविद्यालय की भी मांग करते हैं और उनके आवास को विरासत स्थल घोषित किया जाना चाहिए ताकि लोग राज्य के लिए उनके योगदान को देख सकें।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि शिबू सोरेन न केवल झारखंड के बल्कि देश के एक बड़े आदिवासी नेता थे। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा, ‘‘शिबू सोरेन जी के संघर्ष के कारण ही झारखंड को राज्य का दर्जा मिला। अगर आज हम विधायक, मंत्री, सांसद या मुख्यमंत्री बनने का सपना देख सकते हैं तो यह उन्हीं की बदौलत है जिन्होंने अलग झारखंड का निर्माण कराया। उनका योगदान अविस्मरणीय है।” कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि शिबू सोरेन खासकर शोषितों, वंचितों और आदिवासी समाज के मार्गदर्शक थे। उन्होंने कहा, ‘‘वह हमेशा ‘जल, जंगल और जमीन’ के लिए लड़ते रहे। उनका निधन सभी के लिए एक बड़ी क्षति है।” कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री के अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights