मुजफ्फरनगर। शाहपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में बने और अधबने तमंचे, बंदूकें, मस्कट और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। इस खुलासे ने एक बड़े हथियार सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो लंबे समय से पश्चिमी यूपी और आसपास के जिलों में सक्रिय था।
बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बरवाला गांव के एक मकान में अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना पर शाहपुर पुलिस ने तत्काल दबिश दी और घर की तलाशी ली। वहां दो लोग हथियार बनाने में जुटे मिले, जिन्हें घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की पहचान 52 वर्षीय मदनपाल पुत्र बारू सिंह निवासी बरवाला और 19 वर्षीय आसिफ पुत्र अदालत निवासी शेरपुर के रूप में हुई।
एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय वर्मा ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि तलाशी के दौरान 16 तमंचे 315 बोर, एक तमंचा 12 बोर, दो मस्कट, एक बंदूक, एक अधबना तमंचा, 16 नालें 315 बोर और आठ नालें 12 बोर की बरामद की गईं। इसके अलावा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले औजार जैसे वेल्डिंग मशीन, ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, हथौड़े, रेती और आरी भी जब्त किए गए। मौके से हथियारों के कई पुर्जे जैसे फायरिंग पिन, स्प्रिंग और हैमर भी मिले।

पूछताछ में आरोपी मदनपाल ने स्वीकार किया कि वह पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से हथियार बना रहा है और अब तक 70 से ज्यादा हथियार बेच चुका है। उसका मकान गांव से हटकर एकांत में है, जहां वह चोरी-छिपे यह काम करता था। वह गांव में किसी से मेलजोल नहीं रखता था ताकि उसके गैरकानूनी काम का राज़ बाहर न आ सके। वहीं, उसका साथी आसिफ भी लंबे समय से इसमें मदद कर रहा था। दोनों मिलकर हथियारों की सप्लाई शामली, सहारनपुर, हरिद्वार, बिजनौर, मवाना और बुलंदशहर तक करते थे।
एसएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों पर आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अब तक किन लोगों तक हथियारों की सप्लाई की गई है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जाएगी।
इस सराहनीय कार्य पर एसएसपी संजय वर्मा ने शाहपुर पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष मोहित चौधरी, उपनिरीक्षक विकास चौधरी, प्रवीन कुमार शर्मा, मोहित कुमार, हेड कांस्टेबल प्रेमचंद शर्मा, कांस्टेबल शिवम, कर्मवीर सिंह, अरुण कुमार, इकराम अली, दीपक कुमार, रवेन्द्र सिंह और अनुपम शामिल रहे।
