उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र के रौली बोरी गांव में जिला प्रशासन ने श्मशान की जमीन पर बने करीब 40 परिवारों के अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने आधा दर्जन से ज्यादा बुलडोजर चलाकर एक दर्जन से अधिक मकानों को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, पीएसी, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस भी मौके पर मौजूद रही

श्मशान की जमीन पर कब्जा
रौली बोरी गांव में लंबे समय से करीब 40 परिवार श्मशान की जमीन पर घर बनाकर रह रहे थे। इस मामले में जलालाबाद एसडीएम की कोर्ट में पहले ही अवैध कब्जा हटाने का आदेश आ चुका था। आज कोर्ट के आदेश के आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।

कब्जाधारियों का दावा
अवैध कब्जाधारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। सरफराज ने बताया कि उनके पास रहने की कोई जगह नहीं थी और वे खेतों में रहते थे। उन्होंने कहा कि 1990 में गांव के मुखिया दयाराम ने उन्हें पट्टा दिया था। हाशिम अली ने भी दावा किया कि बाढ़ से प्रभावित 10 परिवारों को 1985 में ग्राम प्रधान ने पट्टे दिए थे और उनके पास दस्तावेज मौजूद हैं। उनका कहना था कि प्रशासन ने उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया।

प्रशासन का पक्ष
एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्रा ने कहा कि यह मरघट की जमीन है और तहसीलदार की कोर्ट ने धारा 67 के तहत कब्जा हटाने का आदेश पहले ही जारी कर दिया था। उन्होंने बताया कि कब्जाधारियों को पहले ही एक हफ्ते का नोटिस दिया गया था। जो लोग नोटिस के बावजूद घर खाली नहीं कर रहे थे, उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह अवैध कब्जा हटाने का अभियान है और कानून के तहत किया गया। देखते ही देखते एक दर्जन से अधिक मकान जमींदोज हो गए, जबकि प्रभावित परिवारों में रोते-बिलखते लोग अपनी परेशानियों का रोना रोते रहे।

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