कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने शंकराचार्य अवि मुक्तेश्वरानंद के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की है। मीडिया से बातचीत में तन्खा ने कहा कि किसी भी धर्मगुरु के साथ अशोभनीय व्यवहार स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि धर्म आस्था का केंद्र होता है।

उन्होंने कहा कि सहमति–असहमति अलग विषय है, लेकिन गंगा जैसे पवित्र स्थल पर स्नान के लिए जा रहे संत को रास्ते में रोकना पूरी तरह गलत है। तन्खा ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर पहले ही सोशल मीडिया के माध्यम से विरोध दर्ज कराया है। विवेक तन्खा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सुप्रीम कोर्ट में रखे गए पक्ष की भी सराहना की। उन्होंने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने चीफ जस्टिस की बेंच के सामने इतनी स्पष्टता और मजबूती से अपनी बात रखी।

अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए तन्खा ने इसे ‘औसत बजट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इसमें रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस पहल नहीं दिखती, साथ ही जबलपुर–महाकौशल क्षेत्र के लिए भी कुछ खास प्रावधान नहीं किए गए, जिससे देशभर में उत्साह का माहौल नहीं बन पाया।

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