प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में धर्म संसद में दो प्रस्ताव पारित किए गए हैं। एक प्रस्ताव नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और दूसरा प्रस्ताव अमेरिकी प्रशासन को लेकर किया गया है। राहुल गांधी द्वारा दिए गए मनुस्मृति के खिलाफ कथित बयान पर आपत्ति जताई गई है। वहीं, अमेरिकी प्रशासन द्वारा हिंदुओं के प्रति किए गए व्यवहार की कड़ी निंदा की गई और क्षमा याचना की मांग की गई है। यह प्रस्ताव सेक्टर 12 स्थित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर में चल रही परम् धर्म संसद में पारित किया गया।

धर्म संसद ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वायरल हो रहे एक वीडियो क्लिप को संज्ञान में लिया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आधिकारिक इंस्टा हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट कर लिखा गया है कि, “राहुल गांधी एक महीने के भीतर अपना पक्ष, परम धर्म संसद के समक्ष रखें। ऐसा न करने पर, उन्हें हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा की जाएगी।” राहुल गांधी पर आरोप है कि उनके द्वारा की गई मनुस्मृति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी से मनुस्मृति को पवित्र ग्रंथ मानने वाले करोड़ों आस्थावानों को पीड़ा हुई है।