बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा दे दिया है। यह निर्णय उन्होंने विवादों के कारण लिया है। किन्नर अखाड़े की प्रमुख, महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने इस इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया दी और ममता को हमेशा किन्नर अखाड़े का हिस्सा बताया। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ममता के इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “ममता कुलकर्णी किन्नर अखाड़े का हिस्सा थीं, हैं और हमेशा रहेंगी।” त्रिपाठी ने यह भी कहा कि यदि ममता इस्लाम में चली जातीं तो तब धर्म के तथाकथित ठेकेदार क्या करते, उस समय कोई भी इस मुद्दे पर बोलता नहीं। त्रिपाठी ने ममता की निष्ठा और अखाड़े से उनके संबंधों को सशक्त रूप से समर्थन किया।

ममता कुलकर्णी को 24 जनवरी को किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया था और उनके पिंडदान व पट्टाभिषेक की प्रक्रिया भी की गई थी। इस दौरान उन्हें ‘श्रीयामाई ममता नंद गिरी’ नाम से नवाजा गया था। हालांकि, उनकी नियुक्ति को लेकर कई विवाद खड़े हो गए थे। किन्नर अखाड़े की एक और महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने ममता के डी कंपनी से संबंध होने और उनके जेल जाने के मामले को उठाया। इसके अलावा, अन्य प्रमुख धार्मिक हस्तियों जैसे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी ममता को महामंडलेश्वर बनाने पर सवाल उठाए थे।

इस विवाद के बाद, ममता ने खुद ही अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि किन्नर अखाड़े में उनका विवाद है, इस कारण वह यह पद छोड़ रही हैं। ममता ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पिछले 25 वर्षों से साध्वी हैं और आगे भी साध्वी के रूप में ही रहेंगी।

हिमांगी सखी का आरोप

वहीं, किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने ममता के खिलाफ कुछ और गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ममता के विरोध में बोलने के कारण उनपर जानलेवा हमला किया गया था। हिमांगी ने यह भी आरोप लगाया कि यह हमला लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की ओर से करवाया गया था।

ममता का किन्नर अखाड़े से जुड़ा इतिहास

ममता कुलकर्णी के किन्नर अखाड़े से जुड़ने की कहानी काफी दिलचस्प है। 24 जनवरी को जब उन्हें महामंडलेश्वर पद से नवाजा गया, तब यह माना गया था कि यह उनके नए धार्मिक जीवन का एक बड़ा कदम था। लेकिन विवादों ने उनके इस कदम को प्रभावित किया और उन्हें यह पद छोड़ने पर मजबूर किया।

 

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