बिहार में मतदाता सूची संशोधन पर विशेष चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही। हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार, 4 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर बिहार में चल रहे विशेष सर्वेक्षण (SIR) पर बिना किसी देरी के एक विशेष चर्चा कराने का आग्रह किया है। इस बीच, विपक्षी भारतीय ब्लॉक के सांसदों ने शुक्रवार को संसद में मक्कार द्वार के सामने विरोध प्रदर्शन किया और चर्चा की मांग की।

लोकसभा की कार्यवाही

– बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर शुक्रवार को लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही स्थगित करने से पहले शोर-शराबा कर रहे सदस्यों से कहा, ‘‘जनता ने आपको इतना बड़ा अवसर दिया है, इसे नारेबाजी करके और तख्तियां दिखाकर मत गंवाइए।’’ सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे फिर से शुरू होते ही विपक्षी सदस्य आसन के निकट पहुंचकर‘एसआईआर वापस लो’ के नारे लगाने लगे।

राज्यसभा की कार्यवाही

– देश की सुरक्षा एवं उसके हितों को सर्वोपरि बताते हुए सरकार ने कहा कि बांग्लादेश को उसके यहां सल्तनत-ए-बांग्ला समूह के सक्रिय होने के कोई सबूत नहीं मिले। समूह द्वारा बनाये गये तथाकथित ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ के नक्शे में भारत के कुछ हिस्सों को शामिल गया गया है। विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी बताया कि यह नक्शा ढाका विश्वविद्यालय में प्रदर्शित किया गया था। 

– सरकार ने शुक्रवार को बताया कि नयी वंदे भारत तथा अमृत भारत ट्रेनों को दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा को दिए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

– पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। उन्होंने बताया कि उन्हें नियम 267 के तहत 30 नोटिस मिले हैं जिनमें बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), ओडिशा में महिलाओं और बच्चों के कथित उत्पीड़न, बंगाली कामगारों के साथ दूसरे राज्यों में कथित दुर्व्यवहार, छत्तीसगढ़ में दो ननों की गिरफ्तारी, अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 25 फीसदी शुल्क और जुर्माने के दुष्प्रभाव के मुद्दे पर नियत कामकाज स्थगित कर तत्काल चर्चा कराए जाने की मांग की गई है। उपसभापति ने कहा कि ये नोटिस आसन द्वारा पूर्व में दी गई व्यवस्था के अनुरूप नहीं हैं, इसलिए इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता। नोटिस स्वीकार नहीं किए जाने पर विपक्षी सदस्यों ने विरोध जताया और हंगामा करने लगे। तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्य आसन के सामने आ कर ‘‘एसआईआर पर हल्ला बोल’’ तथा ‘‘वोट की चोरी बंद करो’’ के नारे लगाने लगे।

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