बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक करीबी सहयोगी ने वक्फ संशोधन विधेयक-2024 को जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए शुक्रवार को कहा कि विधेयक को लेकर अल्पसंख्यक समुदाय की आशंकाओं का समाधान किया जाना चाहिए।

राज्य सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने एक बयान जारी कर केंद्र सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड (संशोधन) विधेयक 2024 को संसद के संयुक्त प्रवर समिति में भेजने का फैसला उचित एवं सराहनीय बताते हुए कहा कि जबसे ये संशोधन विधेयक चर्चा में आया है, तभी से अल्पसंख्यक समाज के लोगों में अनेक तरह की आशंकाएं एवं भ्रांतियां पनप रही थीं। उन्होंने कहा कि इस परिस्थिति में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री द्वारा सरकार की तरफ से ही इसकी गहराई से समीक्षा एवं विमर्श के लिए संयुक्त प्रवर समिति में भेजने का प्रस्ताव दिया गया।

चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शुरू से मान्यता रही है कि अल्पसंख्यक से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता से देखना चाहिए, जिससे कोई भ्रम या संशय की स्थिति उत्पन्न न हो। मंत्री ने कहा कि इस विधेयक के मामले में अब अल्पसंख्यक संगठनों को भी अपनी चिंताओं एवं आशंकाओं को प्रवर समिति के समक्ष पहुंचाना चाहिए, जिससे उनका निदान हो सके। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर, अगर कोई भी संशोधन वक्फ के मकसद की बेहतरी के अनुरूप है एवं पूरे अल्पसंख्यक समाज के अधिकतम हित में है तो उस पर भी गौर करना चाहिए।

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के शीर्ष नेता नीतीश कुमार के विश्वासपात्र माने जाने वाले चौधरी ने कहा, “हमारे नेता नीतीश कुमार जी का हमेशा से मानना ​​रहा है कि अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों को पूरी संवेदनशीलता के साथ गौर किया जाना चाहिए।”

 

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