इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि इजरायली सेना लिटानी नदी तक दक्षिणी लेबनान पर कब्जा कर लेगी और वहां एक मजबूत रक्षात्मक बफर जोन बनाएगी. लिटानी नदी इजरायल की सीमा से करीब 30 किलोमीटर अंदर है और यह इलाका लेबनान के कुल क्षेत्रफल का लगभग एक-दसवां हिस्सा (करीब 10%) कवर करता है.

काट्ज ने कहा, ‘सेना लिटानी नदी तक बचे हुए पुलों और सुरक्षा क्षेत्र को नियंत्रित करेगी.’ उन्होंने जोड़ा कि लेबनान के दक्षिणी हिस्से में जहां ‘आतंकवाद’ है, वहां कोई घर या नागरिक निवासी नहीं रहेंगे.

कब्जा से पहले वापिस नहीं लौटेगी इजरायली सेना

यह इजरायल का पहला आधिकारिक बयान है जिसमें उसने लेबनान के बड़े इलाके पर लंबे समय तक नियंत्रण रखने की अपनी मंशा खुलेआम जाहिर की है. काट्ज ने कहा कि लेबनान के दक्षिण से लाखों लोग उत्तर चले गए हैं और वे तब तक वापस नहीं लौट सकेंगे जब तक इजरायल के उत्तरी इलाकों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाती है.

क्यों लिया यह फैसला?

इजरायल का कहना है कि यह कदम हिजबुल्लाह को पूरी तरह खत्म करने और अपनी उत्तरी सीमा को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी है. सेना ने पहले ही लिटानी नदी पर कई पुल तोड़ दिए हैं ताकि हिजबुल्लाह के लड़ाके और हथियार दक्षिण की तरफ न आ सकें. काट्ज ने इसे ‘आगे की रक्षात्मक लाइन’ बताया और कहा कि जहां रॉकेट और आतंकवाद है, वहां IDF मौजूद रहेगी.

हिजबुल्लाह ने इजरायल के इरादों पर क्या कहा?

हिजबुल्लाह ने इस प्लान को ‘लेबनान के लिए ‘अस्तित्व का खतरा’ बताया है और वादा किया है कि वह किसी भी कब्जे का पुरजोर विरोध करेगा.

जंग के बीच नया मोड़

यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब हिजबुल्लाह ने आज भी हाइफा और नाहारिया पर 30 से ज्यादा रॉकेट दागे और ईरान ने इजरायल पर ड्रोन हमले जारी रखे. वहीं बहरीन में अमेरिकी बेस पर फिर धमाके हुए. ईरान अपनी सख्त मांगों पर अड़ा हुआ है और बातचीत की संभावना कम नजर आ रही है.

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