भारत-अमेरिका ट्रेड डील और टैरिफ को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस लीडर जयराम रमेश ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. एक लेटर दिखाते हुए उन्होंने कहा कि 2 फरवरी को पीएम मोदी ने ट्रंप को ट्वीट करने के लिए मजबूर किया क्योंकि पीएम, लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण से घबरा गए थे. ‘उन्होंने मुद्दे को डायवर्ट करने के लिए ट्रंप से कहा तुरंत ट्वीट करिए’ जबकि वो जानते थे कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने वाला है.

जयराम रमेश ने खड़े किए सवाल

कांग्रेस लीडर ने आगे कहा कि हमारे प्रधानमंत्री से हमारे तीन सवाल हैं, प्रेसिडेंट ट्रंप ने 2 फरवरी को जो ट्वीट किया था, उसमें उन्होंने कहा था कि ‘दोस्ती और PM मोदी के सम्मान में और उनके कहने पर, तुरंत असर से, हम एक ट्रेड डील के लिए राजी हो गए’. 2 फरवरी को PM मोदी ने प्रेसिडेंट ट्रंप को यह ट्वीट करने के लिए मजबूर किया, 2 फरवरी को क्या हुआ? 2 तारीख की दोपहर को राहुल गांधी के लोकसभा भाषण से प्रधानमंत्री घबरा गए और ध्यान हटाने के लिए उन्होंने यह किया.

क्या पीएम मोदी दिखाएंगे हिम्मत?

आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि आपको पता था कि US सुप्रीम कोर्ट कोई फैसला देने वाला है तो आपने इतनी जल्दी क्यों की? अब US सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रेसिडेंट ट्रंप ने कुछ बदलाव करते हुए 18% को 10% कर दिया? इसके अलावा कहा कि हमारा दूसरा सवाल यह है कि जब प्रेसिडेंट ट्रंप ने टैरिफ बदल दिए हैं तो क्या अब PM मोदी हिम्मत दिखाएंगे और कहेंगे कि उन्हें खेती पर लगने वाले टैक्स को या तो हटाना चाहिए या कम करना चाहिए? हमारा तीसरा सवाल प्रधानमंत्री मोदी से यह है कि प्रेसिडेंट ट्रंप बार-बार कहते हैं कि आपने वादा किया था कि आप रूस से तेल नहीं खरीदेंगे लेकिन आप कहते हैं कि आप खरीदेंगे तो सच क्या है?

 

 दिल्ली: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने US टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कहा, “हमारे प्रधानमंत्री से तीन सवाल है। यह रहा राष्ट्रपति ट्रम्प का ट्वीट जो उन्होंने 2 तारीख को पोस्ट किया जिसमें वे कहते हैं कि ‘PM मोदी के प्रति मित्रता और सम्मान के कारण और उनके अनुरोध पर… pic.twitter.com/kmTXBUaQ8v

— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 22, 2026

एकतरफा नहीं हो सकता समझौता

आगे कहा कि आप क्या छिपा रहे हैं? कांग्रेस पार्टी मानती है कि प्रेसिडेंट ट्रंप अपना मन बदलते रहते हैं लेकिन हमें साफ-साफ कहना होगा कि हम इसका बुरा असर अपने किसानों पर नहीं पड़ने देंगे. यह (ट्रेड डील) एकतरफा है. समझौता होना है ठीक है लेकिन एकतरफा समझौता नहीं हो सकता. लेन-देन का मतलब यह नहीं है कि भारत सिर्फ देता रहेगा और कुछ लेगा नहीं. हम कह रहे हैं कि अमेरिका से जो हम आयात करते हैं उसे 3 गुना बढ़ाएंगे, रूस से तेल नहीं खरीदेंगे इसका हमें क्या फायदा मिला? हमारा मानना है कि यह एकतरफा समझौता है किसानों के गले में फांसी है, यह किसान विरोधी समझौता है.

 दिल्ली: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, “समझौता होना है ठीक है, लेकिन एकतरफा समझौता नहीं हो सकता। लेन-देन का मतलब यह नहीं है कि भारत सिर्फ देते रहेगा और कुछ लेगा नहीं… हम कह रहे हैं कि अमेरिका से जो हम आयात करते हैं उसे 3 गुना बढ़ाएंगे, रूस से तेल नहीं खरीदेंगे। इसका… pic.twitter.com/3SGlHXTlHd

— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 22, 2026

डोनाल्ड ट्रंप ने किया था ट्वीट

2 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी. वह मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं और अपने देश के एक शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं. हमने कई मसलों पर बात की. जिसमें व्यापार और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म करना शामिल है. पीएम मोदी के प्रति दोस्ती और सम्मान के कारण और उनके अनुरोध पर हम संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं. इसके तहत तहत संयुक्त राज्य अमेरिका कम रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा और इसे 25% से घटाकर 18% कर देगा.

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