Rahul Manipur visit के बाद दौरे का वीडियो शेयर किया है। कांग्रेस ने भी पीएम मोदी पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने बुधवार को मणिपुर की अपनी दो दिवसीय यात्रा का वीडियो शेयर कर कहा कि पूर्वोत्तर राज्य को शांति की जरूरत है और यही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।

राहुल गांधी ने एक ट्वीट में कहा, मणिपुर के हालात ठीक हों इसके लिए शांति की जरूरत है। राहुल ने कहा, मणिपुर की मेरी दो दिवसीय यात्रा के दौरान, हमारे भाइयों और बहनों को दर्द में देखकर मेरा दिल टूट गया।

उन्होंने वीडियो का लिंक साझा करते हुए राहुल कहा, “शांति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है और हम सभी को इसके लिए काम करना चाहिए।” राहुल के दौरे पर भाजपा ने कहा, संवेदनशील होना जरूरी है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गांधी के ट्वीट को टैग करते हुए कहा, ”नफरत और हिंसा की राजनीति के कारण जो दीवारें खड़ी हुई हैं।” उन्होंने कहा, मणिपुर के लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की नहीं की। राहुल ने कहा, मणिपुर पुलिस और प्रशासन ने उन्हें रोका।

कांग्रेस महासचिव ने कहा, “मणिपुर को शांति की जरूरत है। मणिपुर के लोगों को उपचारात्मक स्पर्श की जरूरत है। नफरत और अविश्वास की दीवारों को तोड़ने की जरूरत है। ऐसा करने के लिए, सीएम को जाना होगा और पीएम को जागना होगा।”

एक अन्य ट्वीट में, रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को “भारतीय फुटबॉल टीम को उनकी शानदार जीत के लिए बधाई देने का समय मिला जिसने हम सभी को गौरवान्वित किया, लेकिन वह मणिपुर पर चुप रहे”।

This is what happened when Rahul Gandhi visited Manipur.

This is the pain and anguish he witnessed across ethnic divides. The walls that have come up due to the politics of hate and violence.

It wasn’t the people of Manipur who tried to block him. It was the state police and… https://t.co/saTbVzyaDj

— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 5, 2023

उन्होंने कहा, “मणिपुर के तीन फुटबॉल खिलाड़ी गर्व से भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी चुप्पी उन्हें भी आहत करती है।” बता दें कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जातीय हिंसा प्रभावित मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग में राहत शिविरों का दौरा पिछले हफ्ते किया।

उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय सेना के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। बाद में उन्होंने राज्य की राजधानी इंफाल के लिए उड़ान भरी। मणिपुर दौरे पर राहुल ने छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों, महिलाओं और बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत की और नई दिल्ली रवाना होने से पहले राज्यपाल अनुसुइया उइकेस से मुलाकात की।

सुरक्षा चिंताओं को लेकर शुरू में गांधी के काफिले को हिंसा प्रभावित चुराचांदपुर जिले की यात्रा करने से रोक दिया गया था। बाद में वह एक सरकारी स्वामित्व वाले हेलीकॉप्टर से उस क्षेत्र में गए जहां कुकि और मेइती के बीच घातक जातीय संघर्ष की खबरें आ रही हैं।

बुधवार को दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय में प्रेस वार्ता में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि किसी भी राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी कानून व्यवस्था और अपने नागरिकों के जीवन की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया, ”मुझे लगता है कि राज्य और केंद्र दोनों सरकारें ऐसा करने में विफल रही हैं।”

गोगोई ने कहा कि हालात ठीक हों, ठीक होने की उस शुरुआती प्रक्रिया को शुरू करने के लिए ही राहुल गांधी मणिपुर गए थे। “हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री संकेत समझेंगे और मणिपुर का दौरा करेंगे, क्योंकि यह अभी भी रहस्य है कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर जाने या इसके बारे में बात करने से पूरी तरह परहेज क्यों किया है।”

बता दें कि गोगोई लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसद सत्र नजदीक आ रहा है। हम संसद के अंदर सरकार से एक विशिष्ट जवाब चाहते हैं। हमने राज्य सरकार से जवाबदेही भी मांगी है। हम मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह द्वारा किए गए नाटक और बयानबाजी से परे जाना चाहते हैं।”

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