भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुरूवार को दावा किया कि राहुल गांधी द्वारा संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बार-बार लगाए गए आरोप भारतीय लोकतंत्र में उनके और कांग्रेस के अविश्वास को दर्शाते हैं।

भाजपा ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने उनके नवीनतम ‘‘वोट चोरी’’ के आरोप को निराधार और गलत बताते हुए खारिज कर दिया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि ‘‘घुसपैठियों को बचाने की राजनीति’’ राहुल का एकमात्र एजेंडा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यदि अवैध मतदाताओं को बचाने के कांग्रेस के कथित एजेंडे को अनुमति दी गई तो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के हितों को सबसे अधिक नुकसान होगा।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की राहुल गांधी द्वारा संवाददाता सम्मेलन में बार-बार आलोचना किए जाने के बाद निर्वाचन आयोग का बचाव करते हुए ठाकुर ने पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्तों एम एस गिल (जो संप्रग सरकार में मंत्री बने थे) और टी एन शेषन (जिन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था) के संबंधों का हवाला दिया और पलटवार किया।

उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता को चुनौती दी कि यदि उनके तर्कों में दम है तो वह अदालत जाएं।

राहुल गांधी ने गुरूवार को कुमार पर ‘‘वोट चोरों’’ और ‘‘लोकतंत्र की हत्या करने वालों’’ को बचाने का आरोप लगाया तथा कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थकों के वोट सुनियोजित तरीके से हटाए जा रहे थे।

निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरों’ की रक्षा करने के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को गलत और निराधार बताया है।

आयोग ने जोर देकर कहा कि संबंधित व्यक्ति का पक्ष सुने बिना कोई भी नाम हटाया नहीं जा सकता।

आयोग ने कहा, ‘‘राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं। किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति द्वारा हटाया नहीं जा सकता, जैसा कि गांधी ने गलत धारणा बनाई है।’’

ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी ने जिस विधानसभा सीट का जिक्र किया है, वहां से कांग्रेस ही निर्वाचित हुई थी और उन्होंने पूछा कि क्या यह वोट चोरी का परिणाम था?

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