राज्य सभा में बिहार से 5 सदस्य चुने गए। सभी सदस्य एनडीए के खाते से राज्य सभा पहुंचे। पहले से ही 4 सीट एनडीए के खाते में तय मानी जा रही थीं लेकिन कांग्रेस के 3 और आरजेडी के 1 विधायक के वोट न करने के चलते 5वीं सीट भी आरजेडी के खाते से निकलकर एनडीए के खाते में चली गई। अब कांग्रेस के विधायक वोट क्यों नहीं डाला था। इसका खुलासा उन्होंने खुद किया है।

बिहार में वाल्मीकि नगर से कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट देकर सफाई दिया है कि आखिर उन्होंने कल राजयसभा चुनाव में क्यों नहीं हिस्सा लिया। सोमवार को हुए राज्यसभा की सीटों के मतदान में हिस्सा नहीं लेने वाले कांग्रेस के विधायक सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा अपनी सफाई दी हैय। कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है।

उन्होंने लिखा कि महागठबंधन के पास एक सीट का अवसर था, जहां बेहतर उम्मीदवार के तौर पर दीपक यादव या मुकेश सहनी को मौका दिया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कुशवाहा के अनुसार, ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया गया है जिसका जनाधार महागठबंधन के खिलाफ है।

विधायक कुशवाहा ने स्पष्ट कहा कि वे एनडीए का समर्थन नहीं कर सकते, लेकिन महागठबंधन द्वारा “गलत उम्मीदवार” चुने जाने के कारण उन्होंने वोट नहीं देने का फैसला किया है। आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वे पहले भी मुख्यमंत्री की “सबसे चुनौतीपूर्ण सीट” पर सरकारी तंत्र को हराकर जीत हासिल कर चुके हैं और जनता के समर्थन से विकास कार्य कर रहे हैं। विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब वे मुकाबला नहीं कर पाएंगे, तो बदनाम करने की कोशिश करेंगे।

उन्होंने उम्मीद जताई कि दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के लोग उनके त्याग और समर्पण को समझेंगे और विरोधियों के बहकावे में नहीं आएंगे।

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