रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज ‘गगनयात्रियों’ के सम्मान में आयोजित एक समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन, ‘गगनयान’ के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्रियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, ग्रुप कैप्टन पी.वी. नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन और ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप का अभिनंदन किया।

समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल ए.पी. सिंह भी मौजूद थे।

सम्मानित होने के बाद, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वायुसेना में रहते हुए जो तैयारी उन्होंने की है, उसी के आधार पर वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने जो कुछ भी अनुभव किया है और जो कुछ भी हासिल किया है, मुझे लगता है कि मेरी जो पृष्ठभूमि थी या इस वर्दी में और वायु सेना में रहकर मैंने वर्षों तक जो तैयारी की थी, उसके आधार पर हममें से जो भी यहां बैठा है, वह उतना ही अच्छा काम कर सकता था और यही वह आत्मविश्वास है जो मैं अपने साथ लेकर चलता हूं… वायु सेना ने यहां बैठे सभी लोगों के लिए एक मजबूत चरित्र का निर्माण किया है।’

शुक्ला ने इस मिशन को देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि यह मिशन बिल्कुल सही समय पर हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत अब मानव अंतरिक्ष उड़ान, मिशन गगनयान, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और अंततः चंद्रमा पर उतरने की अपनी यात्रा पर है। उन्होंने यह भी कहा कि मानव अंतरिक्ष मिशन चुनौतीपूर्ण होते हैं, और इस मिशन को सफल बनाने में एक बड़ी इंजीनियरिंग टीम और बहुत अधिक सहयोग की जरूरत होती है।

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘यह हमारे लिए, हमारे देश के लिए एक बहुत ही सफल मिशन था, लेकिन यह अंत नहीं, शुरुआत है। हमें एक भारतीय व्यक्ति को, भारतीय कैप्सूल पर, अपनी मिट्टी से भेजना होगा।’

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