उत्तर प्रदेश में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नियुक्ति के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, अब मंत्रिमंडल विस्तार होगा और 6 नए चेहरे शामिल हो सकते हैं और कई चेहरों को हटाए जाने की भी चर्चा है। 

बताया जा रहा है कि इस पर बीते मंगलवार को हुई कोर कमेटी की एक अहम बैठक में भी चर्चा की गई। यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह बैठक नए प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद संघ, संगठन और सरकार की पहली संयुक्त बैठक थी, जिसमें आपसी परिचय भी हुआ। 

भूपेंद्र चौधरी की मंत्रिमंडल में वापसी संभव
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को फिर से मंत्री बनाए जाने पर गंभीरता से विचार किया गया है। उनके साथ करीब 6 विधायकों को मंत्री बनाने की योजना है। 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर खास जोर दिया जा रहा है।

कब हो सकता है विस्तार
फिलहाल योगी सरकार में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। यानी 6 नए मंत्रियों को शामिल करने की गुंजाइश है। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से मंजूरी मिलने के बाद जनवरी या फरवरी 2026 में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है, क्योंकि खरमास के बाद शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह मंत्रिमंडल विस्तार भाजपा के मिशन-2027 का अहम हिस्सा है। 

इन्हें मिल सकता है मौका 
जानकारी के मुताबिक, मकर संक्रांति के बाद मंत्रिमंडल विस्तार संभव है। इसमें 6 से ज्यादा मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं और नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। जिनमें भूपेंद्र चौधरी, अशोक कटारिया मंत्री, प्रतीक भूषण सिंह मंत्री बन सकते हैं। वहीं, मनोज पांडेय और पूजा पाल मंत्री बन सकती हैं।   

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