जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आज विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के मीडिया को लेकर की गयी टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुये कहा कि यह उनके संस्कार और संस्कृति को दर्शाता है।
ये कलम नहीं कट्टा वाले लोग हैं…
प्रशांत किशोर ने कहा कि तेजस्वी यादव ने मीडिया के सूत्र को लेकर जैसी अभ्रद भाषा का प्रयोग किया है , वह किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव से बेहतर शब्दों की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। यह लोग कलम वाले नहीं कट्टा वाले लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यादव और उनके परिवार ने बिहार को एक समय कट्टा संस्कृति में ढकेल दिया था।
जनसुराज नेता ने तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए कहा कि उनके पिता लालू प्रसाद के शासन में बिहार कट्टा बनाने और बेचने वाले प्रदेश के रूप में बदनाम हुआ था। यदि ऐसे लोग फिर से सत्ता में आ गए तो अपहरण, डकैती, लूट और जंगलराज वापस आ जाएगा। उन्होंने विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष पर भी तीखे प्रहार किये. उन्होंने कहा कि बिहार की कानून- व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
