लंबे समय से प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान न कर सरकारी आदेशों की उल्लंघना करने वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, फैक्ट्रियों और बड़े शोरूम मालिकों के खिलाफ नगर निगम मोहाली अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। नगर निगम द्वारा कई बार मौका देने और नोटिस भेजने के बावजूद बकायेदारों ने टैक्स जमा नहीं कराया, जिसके चलते अब उनकी संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

नगर निगम के कमिश्नर परमिंदर पाल सिंह ने बताया कि ऐसे डिफॉल्टरों को अंतिम मौका देते हुए 3 दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में बकाया टैक्स जमा नहीं किया गया तो नगर निगम उनकी संपत्तियां अटैच करेगा। यह कार्रवाई विशेष रूप से बड़े शोरूम, फैक्ट्रियों और कंपनियों पर की जाएगी। उन्होंने बताया कि म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1976 की धारा 138-सी के तहत प्रॉपर्टी सील करने के नोटिस जारी किए गए हैं। सील की गई संपत्ति को बाद में नीलाम कर बकाया टैक्स की वसूली भी की जा सकती है। प्रॉपर्टी सील होने के बाद अंदर मौजूद सामान या स्टॉक को होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी मालिक की स्वयं की होगी।

मोहाली में 7,000 डिफॉल्टरों पर करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, मोहाली में करीब 7,000 ऐसे डिफॉल्टर हैं जिन पर करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। कई बकायेदार पिछले 10 वर्षों से टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं, जबकि उन्हें बार-बार नोटिस भेजे गए। निगम अधिकारियों ने बताया कि बकाया राशि पर 20 प्रतिशत तक जुर्माना और 1 अप्रैल 2014 से अब तक 18 प्रतिशत ब्याज भी लगाया जाएगा। टैक्स का भुगतान नगर निगम कार्यालय, सेक्टर-68, एसएएस नगर मोहाली में या ‘एम सेवा’ ऐप के जरिए ऑनलाइन भी किया जा सकता है।

करोड़पति होकर भी सरकारी खजाने को नुकसान
नगर निगम के अनुसार, डिफॉल्टरों में आम लोग नहीं बल्कि बड़े कारोबारी और औद्योगिक इकाइयों के मालिक शामिल हैं, जो हर बार टैक्स भुगतान से बचते आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कई कारोबारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद सरकारी टैक्स अदा नहीं कर रहे हैं।

किन क्षेत्रों के लोग सबसे बड़े डिफॉल्टर
निगम अधिकारियों के अनुसार, डिफॉल्टरों में करीब 300 औद्योगिक इकाइयां, 800 वाणिज्यिक संपत्तियां और लगभग 6,000 गांवों के निवासी शामिल हैं। सुहाना और कुंबड़ा गांवों पर वर्ष 2017 से टैक्स बकाया है, जबकि मदनपुर, मोहाली और शाहिमाजरा गांवों में 2013 से टैक्स लंबित है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस बार सरकारी संस्थान समय पर टैक्स का भुगतान कर रहे हैं।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights