मेरठ जिले के दौराला थाना क्षेत्र में ‘कातिल’ शराब का कहर बरपा है। स्थानीय स्तर पर बनी संदिग्ध जहरीली शराब पीने से एक ही गांव के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है। मृतकों के परिजनों ने शराब माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अस्पताल में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद, अंकित और जितेंद्र की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई, जबकि बाबूराम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

पुलिस ने कार्रवाई की

मेरठ के SSP अविनाश पांडे ने दौराला पुलिस थाना प्रभारी को शराब के स्रोत की जांच करने और उसे बेचने वाले की पहचान करने के निर्देश दिए। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पीड़ितों ने शराब कहां से खरीदी थी और क्या कोई अन्य व्यक्ति भी इससे प्रभावित हुआ है।

 

शुरुआती जांच में क्या सामने आया?

पुलिस और आबकारी विभाग की शुरुआती जांच में पता चला है कि शुक्रवार को टेट्रा-पैक शराब के कई कार्टन बेचे गए थे, लेकिन कहीं और से ज़हरीली शराब के सेवन का कोई अन्य मामला सामने नहीं आया है। जांच के दौरान, घटनास्थल से शराब के चार छोटे कंटेनर बरामद किए गए, जिनमें से तीन “दिलकश” ब्रांड के और एक पर “बंटी जीरा मसाला” लिखा हुआ था। फोरेंसिक जांच से इस बात की पुष्टि हो पाएगी कि क्या इन मौतों के लिए यही शराब ज़िम्मेदार थी।

 

मृतकों के परिजनों ने ज़हरीली शराब पीने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया। बाबूराम के बेटे सचिन ने पुलिस को बताया कि पीड़ितों की तबीयत तेज़ी से बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाना पड़ा। इन दुखद मौतों से स्थानीय समुदाय सदमे में है।

 

ज़िलाधिकारी VK सिंह, SSP अविनाश पांडे और SP सिटी आयुष विक्रम ने स्थिति का जायज़ा लेने के लिए घटनास्थल का दौरा किया। जिस शराब की दुकान पर इस मामले में शामिल होने का संदेह है, उसे सील कर दिया गया है, और अधिकारियों ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं।

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