सहारनपुर(  मनीष अग्रवाल)। जनपद में उपभोक्ता विभाग प्रतितोष आयोग ने मरीज के उपचार में लापरवाही बरतने पर जनपद के मशहूर अस्पताल मेडीग्राम स्पेशलिस्ट पर 9.65 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अस्पताल प्रबंधन को यह राशि उस मरीज को देनी होगी उपचार में लापरवाही के कारण जिसे अपनी टांग गंवानी पड़ी थी। मामला सहारनपुर गांव छापर का है जहाँ निवासी महिपाल 27 जनवरी 2016 को सड़क हादसे में गंभीर चोटिल हुए थे। उनकी जांघ में गंभीर चोट आई थी। एक्स-रे रिपोर्ट में जांघ की हड्डी टूटना पाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद महिपाल को मेडिग्राम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहाँ चिकित्सीय लापरवाही नज़र आई और 28 जनवरी 2016 को मेडिग्राम हॉस्पिटल में हड्डी की जगह नस का ऑपरेशन कर दिया गया। पैर में वजन बांध दिया गया, लेकिन महिपाल को दर्द में कोई आराम ना मिलने पर दूसरे दिन महिपाल की टांग का एक ओर ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद भी महिपाल को आराम नहीं हुआ। जब मरीज के तीमारदारों ने दूसरे चिकित्सक को दिखाया, जहां पर बताया गया कि सही ऑपरेशन नहीं होने के कारण पैर में इंफेक्शन फैल गया है। पीड़ित फिर से मेडिग्राम में भर्ती हुआ। आठ फरवरी तक मेडिग्राम में महिपाल का इलाज चलता रहा। कोई आराम नहीं होने पर महिपाल को जॉलीग्रांट के लिए रेफर कर दिया गया। वहां महिपाल को बताया गया कि इंफेक्शन के कारण टांग में पस(मवाद) बन गई है। ऐसे में टांग काटने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। टांग गंवाने वाले महिपाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया था, जिसकी सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अस्पताल प्रबंधन पर यह जुर्माना लगाया।

वही मेडिग्राम सूत्रों के अनुसार इस चिकित्सीय इलाज में अन्य भी तीन डॉक्टर थे। फिलहाल उपभोक्ता विभाग प्रतिशोध आयोग ने अस्पताल प्रबंधन पर यह जुर्माना लगाया है।

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