दुनिया के सबसे बुजुर्ग मैराथन धावक फौजा सिंह की सड़क हादसे में मौत के मामले में जालंधर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अहम खुलासे किए हैं। जाँच में सामने आया है कि आरोपी को घटना के समय फौजा सिंह के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हादसे के कारण वह डर गया और घटनास्थल से गाड़ी लेकर भागा। आरोपी की पहचान 26 वर्षीय अमृतपाल सिंह ढिल्लों के रूप में हुई है।
समाचार देखने के बाद आरोपी को पता चली सच्चाई
जालंधर के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने मीडिया से बातचीत में बताया, “आरोपी को घटना के समय नहीं पता था कि उसने फौजा सिंह को टक्कर मारी है। फौजा सिंह को टक्कर मारने के बाद वह मौके से भाग गया। समाचार देखने के बाद उसे पता चला कि जिस व्यक्ति को उसने टक्कर मारी थी वह फौजा सिंह थे।” यह बयान मामले में एक नया मोड़ लाता है क्योंकि पहले यह माना जा रहा था कि आरोपी शायद पहचान से वाकिफ था।
30 घंटे के भीतर पकड़ा गया हिट एंड रन केस का आरोपी
जालंधर पुलिस ने इस हिट एंड रन मामले को लगभग 30 घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी अमृतपाल सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी ग्रामीण हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि आरोपी कनाडा में काम करता है और 23 जून को अपने घर के निर्माण के लिए भारत लौटा था। आरोपी के पिता का निधन हो चुका है जबकि उसकी बहन और माँ कनाडा में रहती हैं।
गाड़ी के पार्ट और CCTV से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस अधिकारी हरविंदर सिंह विर्क के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर घटना की जाँच की गई। घटनास्थल से गाड़ी के कुछ पार्ट के टुकड़े मिले थे। इन टुकड़ों की टोयोटा कंपनी की अलग-अलग एजेंसियों में जाँच करवाई गई। वहाँ से मिली जानकारी के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तब गाड़ी के बारे में पता चला। एसएसपी ने कहा कि हमने इस केस को एक चुनौती के तौर पर लिया था और 30 घंटे के भीतर मामले को सुलझाया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ उसकी गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है।
आरोपी पर बीएनएस की धारा 105 भी लगाई गई
एसएसपी ने कहा कि आरोपी का फर्ज था कि वह घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाता लेकिन वह मौके से फरार हो गया। इसलिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
