चीन में आयोजित एशियाई खेल-2024 में भारत ने कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता है। जिससे जिले वासियों में खुशी की लहर है। जिले के लाल अर्जुन अवार्डी और राष्ट्रीय कबड्डी कोच संजीव बालियान ने अहम भूमिका निभाई। ईरान को हराकर टीम को गोल्ड दिलाने श्रेय उन्होंने खिलाड़ियों के अथक परिश्रम को दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन के साथ निरंतर प्रैक्टिस से यह उपलब्धि हासिल हुई।
एशियाई खेलों में भारत की राष्ट्रीय कबड्डी टीम ने ईरान पर शानदार जीत दर्ज कराकर देश को गौरवान्वित कराया है। इस जीत के सूत्रधार जनपद के सिसौली क्षेत्र के गांव मुंडभर निवासी कबड्डी कोच संजीव बालियान बने। संजीव बालियान देश की राष्ट्रीय कबड्डी टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। उनकी कप्तानी के दौरान टीम ने दोहा और बुसान एशियाई खेलों में देश को शीर्ष पर पहुंचाते हुए गोल्ड दिलाया। रेलवे में चीफ टिकट कलेक्टर संजीव बालियान इस समय राष्ट्रीय कबड्डी टीम के कोच हैं। हांलाकि इससे पूर्व वह राष्ट्रीय जूनियर टीम को भी सफलता के शीर्ष तक पहुंचा चुके हैं।
एशियाई खेलों में ईरान को हराकर टीम के गोल्ड मेडल जीतने पर कोच संजीव ने सधी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह जीत टीम के खिलाड़ी कमरतोड़ अभ्यास और अनुशासित जीवन शैली से पहले ही सुनिश्चित कर चुके थे। कबड्डी का खेल टीम भावना के साथ खेला जाता है। टीम के प्रत्येक सदस्य का एक दूसरे से बेहतरीन समन्वय है। कोचिंग के दौरान प्रत्येक खिलाड़ी ने खेल की बारीकियों को बेहतर तरीके से समझा। यही कारण रहा कि एशियाई खेलों में देश की टीम कबड्डी के डिफेंडिंग चैंपियन को हरा सकी।
ईरान को हराकर गोल्ड मेडल जीतने में जिले के गांव बसेड़ा निवासी अर्जुन देशवाल की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। अर्जुन देशवाल राष्ट्रीय कबड्डी टीम के सदस्य हैं। कोच संजीव बालियान ने बसेड़ा निवासी अर्जुन देशवाल के खेल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि टीम के प्रत्येक सदस्य ने समर्पित होकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अर्जुन देशवाल भी उनमें से एक रहे।
