मुज़फ्फरनगर | मुजफ्फरनगर पुलिस ने पैसे,शराब और अन्य प्रकार के लालच देकर धर्मांतरण करने वाले गैंग का खुलासा किया है | इस गैंग ने न सिर्फ धर्मांतरण कराया बल्कि पीड़ित व्यक्ति की उन्होंने करोड़ों रुपये की संपत्ति भी हड़पने की योजना बनाई। शुक्रवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले के पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक बालक को पुलिस ने संरक्षण में लिया।
मुजफ्फरनगर एसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता करते हुए जानकारी दी की वादी ने शिकायत दी कि पिछले तीन सालों से गांव के कुछ लोग उसे लालच देकर और मानसिक दबाव में रखकर उसके धर्म को बदलने की कोशिश कर रहे थे। आरोपी न केवल शराब और पैसे के लालच देते थे, बल्कि मकान और अन्य भौतिक सुविधाओं के बहाने उसे धर्म परिवर्तन के लिए फंसाते थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस साजिश के दौरान पीड़ित का धर्मांतरण कर दिया गया था और अब नामांतरण की प्रक्रिया चल रही थी। साथ ही, आरोपियों ने वादी की संपत्ति हड़पने की योजना बनाई। वादी के अनुसार, आरोपी उसके ट्रैक्टर, मारुति अर्टिगा कार और करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर अवैध कब्जा कर चुके हैं।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना शाहपुर पुलिस ने विशेष टीम गठित की। टीम ने शुक्रवार को आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर यामीन (42), गुलजार (29), इकराम (30), हाफिज शहनवाज (59) और नाई मुर्शीद (35) को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लेकर बाल कल्याण अधिकारी के सुपुर्द किया गया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने महेन्द्रा अर्जुन ट्रैक्टर और घटना में प्रयुक्त उस्तरा बरामद किया। यह वही उपकरण था, जिसका इस्तेमाल आरोपियों ने वादी को जबरदस्ती खतना कराने के लिए इस्तेमाल किया था।
एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने यह भी बताया कि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के दायरे में आएँगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मांतरण की इस साजिश के दौरान अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को भी जब्त किया जाएगा।
एसपी वर्मा ने आगे बताया कि इस पूरे मामले की निगरानी एसपी देहात आदित्य बंसल और सीओ बुढाना गजेंद्रपाल सिंह कर रहे थे। दोनों अधिकारियों ने छापेमारी और गिरफ्तारियों के हर कदम में रणनीतिक दिशा-निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ने और सबूतों की बरामदगी में कोई कमी नहीं छोड़ी।
थाना शाहपुर के थानाध्यक्ष मोहित चौधरी और उनकी टीम ने गिरफ्तारी और सबूतों की बरामदगी में सक्रिय भूमिका निभाई। एसपी वर्मा ने जनता से भी अपील की कि इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाएँ और किसी भी तरह की शिकायत तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी वादी के करीबी रहे हैं, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया। प्रशासन ने पीड़ित को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सभी कानूनी उपाय कर रही है।
