मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने गैंगरेप के मामले में जिला पंचायत सदस्य को दोषी पाते हुए 30 साल कैद की सजा सुनाई है। 5 वर्ष पूर्व तमंचे से आतंकित कर गैंग रेप के मामले में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ था।

डीजीसी राजीव शर्मा और एडीजीसी कुलदीप पुंडीर ने बताया कि 5 वर्ष पूर्व तमंचे के बल पर एक युवती के साथ गैंग रेप किया गया था। उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मौजूदा जिला पंचायत सदस्य इरशाद पुत्र नसीबुद्दीन निवासी जामिया नगर शहर कोतवाली क्षेत्र एवं एक अज्ञात के विरुद्ध कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए थे।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे के अनुसार पीड़िता ने आरोप लगाया था कि एक मामले मैं फैसला कराने के लिए वह इरशाद से उसके घर पर जाकर मिली थी। लेकिन उस दिन काफी भीड़ थी। इसलिए वह 5 मार्च 2018 कोई इरशाद के घर गई थी।

बताया कि इरशाद उसे घर के कमरे में एकांत मैं ले गया था। जहां इरशाद ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। आरोप है कि उसी दौरान कमरे में एक व्यक्ति तमंचा लेकर आया और उसने उसकी कनपटी पर गोली मारने की चेतावनी देते हुए चुप रहने को कहा था। जिसके बाद इरशाद एवं एक अज्ञात ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।

शहर कोतवाली पुलिस ने तहरीर पर संज्ञान नहीं लेते हुए मुकदमा दर्ज नहीं किया था। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर 4 अक्टूबर 2018 को इरशाद एवं एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप पुंडीर ने बताया कि घटना के मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितेश सचदेवा ने की।

उन्होंने बताया कि कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद आरोपी जिला पंचायत सदस्य इरशाद को दोषी मानते हुए 30 वर्ष कैद की सजा सुनाई। दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। पीड़िता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने पैरवी की। गैंगरेप के अज्ञात आरोपी के मामले में पुलिस अभी विवेचना कर रही है।

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