पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर अपने तीखे अंदाज़ में बयान देकर सियासी हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा, “अदालतों का रब्ब राखा जहां मुलाकाती ही जज बन जाएं…”। उनके इस बयान को डेरा ब्यास प्रमुख पर ‘इनडायरेक्ट’ हमला माना जा रहा है।

बता दें कि पिछले 7 महीनों से नाभा जेल में बंद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत दे दी है। ज़मानत मिलने से महज़ 20–25 मिनट पहले डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने नाभा जेल में बिक्रम मजीठिया से मुलाकात की थी। यह मुलाकात मजीठिया के लिए शुभ साबित हुई और डेरा प्रमुख से भेंट के कुछ ही मिनटों बाद उन्हें ज़मानत मिल गई।

जेल में हुई इस मुलाकात के बाद डेरा प्रमुख ने बिक्रम मजीठिया को क्लीन चिट देते हुए कहा कि ड्रग्स मामला और आय से अधिक संपत्ति का आरोप पूरी तरह गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिक्रम मजीठिया उनके दोस्त और रिश्तेदार हैं। बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने सवाल उठाया कि अगर किसी का रिश्तेदार जेल में हो तो क्या उससे मिलना नहीं चाहिए। इस दौरान जब पत्रकारों ने बिक्रम मजीठिया पर ड्रग्स और आय से अधिक संपत्ति के मामलों को लेकर सवाल पूछे, तो डेरा प्रमुख ने कहा कि ये सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि बिक्रम खुश हैं। साथ ही बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने यह भी कहा कि उन्हें किसी पर टिप्पणी करना शोभा नहीं देता। सरकार अपनी जगह है और उनकी रिश्तेदारी के कारण ही वे मजीठिया से मुलाकात करने आए थे।

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उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम तेंदुए के हमले में सात वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया है। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खैरीघाट थाना क्षेत्र के बाजपुरवा गांव में शाम करीब पांच बजे आफरीन (7), पुत्री तसव्वर, अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान झाड़ियों से निकले तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बच्ची अस्पताल में भर्ती बच्ची की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शोर मचाते हुए लाठी-डंडों के साथ तेंदुए की ओर बढ़े, जिसके बाद जंगली जानवर वहां से भाग गया। ग्रामीणों ने घायल बच्ची को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। सीएचसी शिवपुर के चिकित्सक डॉ. विकास सिंह ने बताया कि बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई थी। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। गांव में दहशत का माहौल घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष गुप्ता ने बताया कि टीम द्वारा क्षेत्र में जांच की जा रही है। रात का समय होने के कारण तेंदुए के स्पष्ट पगचिह्न नहीं मिल सके हैं, लेकिन इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और आसपास के जंगल व झाड़ियों की निगरानी की जा रही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और नियमित गश्त कराने की मांग की है। वन विभाग ने लोगों से बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और शाम के समय विशेष सतकर्ता बरतने की अपील की है।

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