गणेशोत्सव के पांचवें दिन, रविवार को मुंबई में 40,000 से अधिक गणपति प्रतिमाओं का समुद्र, अन्य जल स्रोतों और कृत्रिम तालाबों में विसर्जन देर रात तक किया गया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

गणेशोत्सव के पांचवें दिन, रविवार को मुंबई में 40,000 से अधिक गणपति प्रतिमाओं का समुद्र, अन्य जल स्रोतों और कृत्रिम तालाबों में विसर्जन देर रात तक किया गया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि विसर्जन प्रक्रिया के दौरान अब तक शहर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।

गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को थी, और उस दिन से शुरू हुआ गणेशोत्सव छह सितंबर को अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु डेढ़ दिन, पांचवें दिन और सातवें दिन मूर्तियों का विसर्जन करते हैं। अधिकारियों के अनुसार, रविवार को पांचवे दिन के उत्सव के बाद सोमवार सुबह नौ बजे तक कुल 40,225 मूर्तियों का विसर्जन किया गया।

इनमें 39,037 घरेलू गणपति मूर्तियां, 1,175 सार्वजनिक मंडलों की मूर्तियां और 13 हरतालिका देवी की मूर्तियां शामिल हैं। इससे पहले शुक्रवार को डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन के अवसर पर कुल 60,177 मूर्तियों का विसर्जन किया गया था। इनमें से 29,683 मूर्तियां प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी थीं, जबकि 30,494 मूर्तियां पर्यावरण के अनुकूल मिट्टी से बनाई गई थीं।

महानगरपालिका के अनुसार, गणपति विसर्जन के लिए लगभग 290 कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं, जबकि लगभग 70 प्राकृतिक जल स्रोत जैसे कि समुद्र तट, झीलें और चौपाटियों पर भी विसर्जन की व्यवस्था की गई है। पर्यावरण संरक्षण के तहत बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण के अनुकूल मूर्तियों का विसर्जन घर पर ड्रम या बाल्टी में करें। वहीं, छह फुट से कम ऊंचाई की पीओपी से बनी मूर्तियों का विसर्जन केवल कृत्रिम तालाबों में करने का अनुरोध किया गया है

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